(अदिति खन्ना)
लंदन, 12 जून (भाषा) ब्रिटेन के महाराजा चार्ल्स तृतीय ने दक्षिण एशिया में गरीबी उन्मूलन के लिए उनके द्वारा स्थापित एक चैरिटी संस्था की 20वीं वर्षगांठ के अवसर पर लंदन में आयोजित विशेष समारोह में भारतीय मूल के समुदाय के योगदान की सराहना की।
चार्ल्स (77) ब्रिटिश एशियन ट्रस्ट के शाही संस्थापक संरक्षक हैं। ट्रस्ट के 20 साल पूरे होने के अवसर पर सैकड़ों विशिष्ट अतिथि और चर्चित हस्तियां शामिल हुईं। इस समारोह में दक्षिण एशिया में 1.88 करोड़ से अधिक लोगों की मदद करने वाले ट्रस्ट की पहलों और उनके प्रभाव को रेखांकित किया गया।
सप्ताह की शुरुआत में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम के दौरान ट्रस्ट के विभिन्न कार्यों के लिए 10 लाख पाउंड से अधिक की राशि भी जुटाई गई। यह ट्रस्ट भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका में विभिन्न सामाजिक परियोजनाओं पर कार्य करती है।
ब्रिटिश एशियन ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हीतन मेहता ने कहा, ‘‘हमारे शाही संस्थापक संरक्षक महाराजा चार्ल्स द्वारा ट्रस्ट के कार्यों में लगातार दिखाई जा रही रुचि के लिए हम आभारी हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ब्रिटिश एशियन ट्रस्ट के प्रति उनका गहरा और दीर्घकालिक समर्थन हमारी महत्वाकांक्षाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।’’
मेहता को दो वर्ष पूर्व ब्रिटिश एशियाई समुदाय के लिए सेवाओं के सम्मान में ‘ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर’ (ओबीई) से सम्मानित किया गया था।
उन्होंने कहा, ‘‘हम दक्षिण एशिया में हो रहे उल्लेखनीय प्रभाव का भी जश्न मना रहे हैं, जो ब्रिटिश एशियाई समुदाय और हमारे अन्य साझेदारों की प्रतिबद्धता तथा उदारता से संभव हुआ है।’’
ब्रिटिश एशियन ट्रस्ट की स्थापना 2007 में उस समय हुई थी जब चार्ल्स, तब प्रिंस ऑफ वेल्स थे। भारत-पाकिस्तान चैरिटी क्रिकेट मैच के बाद उनके संरक्षण में इस संस्था का गठन एक प्रवासी-नेतृत्व वाले अंतरराष्ट्रीय विकास संगठन के रूप में किया गया था, जिसका उद्देश्य दक्षिण एशिया में उच्च गुणवत्ता वाले विकास कार्यक्रमों को लागू करना था।
इस समारोह के दौरान चार्ल्स को उस मैच की एक फ्रेम की हुई तस्वीर भेंट की गई, जिसमें वह दोनों टीमों के कप्तानों राहुल द्रविड़ और शोएब मलिक से बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं।
भाषा रवि कांत नेत्रपाल
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