मतदाताओं की चिंताएं सुनने देशभर का दौरा करेंगे ब्रिटिश प्रधानमंत्री बर्नहम

मतदाताओं की चिंताएं सुनने देशभर का दौरा करेंगे ब्रिटिश प्रधानमंत्री बर्नहम

मतदाताओं की चिंताएं सुनने देशभर का दौरा करेंगे ब्रिटिश प्रधानमंत्री बर्नहम
Modified Date: August 9, 2026 / 07:32 pm IST
Published Date: August 9, 2026 7:32 pm IST

(अदिति खन्ना)

लंदन, नौ अगस्त (भाषा) ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम देशभर के दौरे पर निकलेंगे, जहां वह लोगों से जीवन-यापन की लागत से जुड़ी उनकी चिंताओं को सुनेंगे और उन्हें कुछ ‘‘राहत’’ देने के लिए उपायों के एक पैकेज की घोषणा करेंगे। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।

पिछले महीने केअर स्टार्मर की जगह प्रधानमंत्री का कार्यभार संभालने वाले बर्नहम अगस्त के पूरे संसदीय ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान देशभर का दौरा करते हुए ‘‘लोगों की बात सुनने’’ पर ध्यान केंद्रित करेंगे। वह जीवन-यापन की लागत संबंधी समस्याओं को जानने के उद्देश्य से किए जा रहे इस दौरे के दौरान मतदाताओं को ब्रिटेन के लिए अपनी 10 वर्षीय योजना के बारे में भी बताएंगे।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री के आधिकारिक कार्यालय एवं आवास 10 डाउनिंग स्ट्रीट के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘वह (बर्नहम) मानते हैं कि वेस्टमिंस्टर (ब्रिटेन की सरकार या राजनीतिक व्यवस्था) इस बात का आदी हो गया है कि रोजमर्रा की परेशानियों जैसे छिपी हुई कीमतें और उपभोक्ताओं से अनुचित तरीके से अधिक पैसे वसूलने को जीवन का हिस्सा मानकर स्वीकार कर लिया जाए।’’

प्रवक्ता ने कहा, ‘‘वह इसे सही नहीं मानते। यही कारण है कि वह उपभोक्ता हितैषी जीवन-यापन लागत संबंधी कई उपाय लागू करना शुरू करेंगे, ताकि लोगों को कुछ राहत मिल सके।’’

बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा की जरूरतों की बढ़ती लागत ब्रिटेन के लोगों की प्रमुख चिंताओं में बनी हुई है। वहीं, पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर दुनिया भर में पड़ रहा है और इसका प्रभाव भी ब्रिटेन पर पड़ रहा है।

ग्रेटर मैनचेस्टर के पूर्व मेयर बर्नहम ने स्थानीय निकायों को अधिक अधिकार देने की अपनी प्रमुख नीति के तहत अपने गृह नगर में ‘नंबर 10 नॉर्थ’ की शुरुआत करके अपने पूर्ववर्ती से अलग दृष्टिकोण अपनाने की कोशिश की है।

उन्होंने अधिक सहज और लोगों के करीब नजर आने तथा निराश मतदाताओं के बीच समर्थन वापस हासिल करने के उद्देश्य से कई जनसंपर्क कार्यक्रम भी किए हैं।

विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री की नयी योजनाओं की आलोचना की है, जबकि कारोबारी जगत सरकार की ‘‘करों में बढ़ोतरी और लालफीताशाही’’ से जूझने का दावा किया है।

भाषा गोला अमित

अमित


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