वाशिंगटन, 24 सितंबर (भाषा) चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने वाशिंगटन पहुंचने पर कहा कि चीन और अमेरिका को ‘‘प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि साझेदार’’ होना चाहिए, तथा दोनों देश नए दौर में अपने संबंधों को बेहतर ढंग से आगे बढ़ाने का रास्ता तलाश सकते हैं।
अप्रत्याशित कदम के तहत अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप ने बुधवार को मैरीलैंड स्थित ‘ज्वाइंट बेस एंड्रयूज’ पहुंचने पर शी चिनफिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन का स्वागत किया।
ट्रंप द्वारा हवाई अड्डे पर शी का स्वागत किए जाने के दौरान अमेरिकी वायुसेना का बैंड रनवे पर कदमताल कर रहा था और अमेरिका तथा चीन के झंडे लहरा रहे थे।
सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, शी ने अमेरिका पहुंचने पर दिए लिखित भाषण में चीनी जनता की ओर से अमेरिकी लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
शी ने कहा कि चीन और अमेरिका ‘‘दोनों महान देश हैं तथा दोनों देशों की जनता भी महान है।’’ उन्होंने कहा कि दोनों देशों की जनता लंबे समय से मैत्रीपूर्ण संपर्क बनाए हुए है और उनके हित एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं।
उन्होंने कहा कि चीन और अमेरिका को ‘‘प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि साझेदार होना चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि चीनी राष्ट्र के महान पुनरुत्थान और अमेरिका को फिर से महान बनाने का प्रयास साथ-साथ चल सकते हैं तथा दोनों देश एक-दूसरे को सफल होने में मदद करने के साथ पूरी दुनिया के कल्याण को बढ़ावा दे सकते हैं।
यह 2015 के बाद शी की वाशिंगटन की पहली यात्रा है। शी और ट्रंप के बीच बातचीत में व्यापार शुल्क, प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), सैन्य संबंध, पश्चिम एशिया में संघर्ष, रूस-यूक्रेन युद्ध, अंतरिक्ष में हथियारों की होड़ और ताइवान को अमेरिका द्वारा हथियारों की बिक्री जैसे मुद्दे उठने की उम्मीद है।
शी ने कहा कि मई में ट्रंप की चीन यात्रा के दौरान दोनों नेताओं ने रणनीतिक स्थिरता वाले रचनात्मक चीन-अमेरिका संबंध बनाने पर सहमति जताई थी, जिसने द्विपक्षीय संबंधों के भविष्य के विकास के लिए रणनीतिक दिशा प्रदान की है।
वर्ष 1962 के बाद यह पहली बार है जब किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने सैन्य अड्डे पर किसी विदेशी नेता का व्यक्तिगत रूप से स्वागत किया है। इससे इस यात्रा को ट्रंप द्वारा दिए जा रहे महत्व का संकेत मिलता है। 1962 में तत्कालीन राष्ट्रपति जॉन एफ. कैनेडी ने ब्रिटेन के तत्कालीन प्रधानमंत्री हेरोल्ड मैकमिलन का स्वागत किया था।
शी ने कहा कि चीन और अमेरिका को एक ही दिशा में काम करना चाहिए और ऐसे स्थिर संबंधों को बढ़ावा देना चाहिए, जिनमें सहयोग मुख्य आधार हो, प्रतिस्पर्धा संयमित हो, मतभेदों को नियंत्रित किया जा सके तथा शांति के प्रति प्रतिबद्धता बनी रहे।
उन्होंने कहा कि चीन और अमेरिका जैसे दो प्रमुख देशों को नए दौर में एक-दूसरे के साथ रहने का उचित तरीका तलाशना चाहिए।
शी ने कहा कि दुनिया आगे बढ़ रही है और समय बदल रहा है, लेकिन चीन और अमेरिका के शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का ऐतिहासिक तर्क नहीं बदला है, दोनों देशों की जनता के बीच मैत्रीपूर्ण आदान-प्रदान की सद्भावना नहीं बदली है और चीन तथा अमेरिका से अंतरराष्ट्रीय समुदाय की व्यापक अपेक्षाएं भी नहीं बदली हैं।
चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि वह द्विपक्षीय संबंधों और वैश्विक स्थिति से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर ट्रंप के साथ गहन विचार-विमर्श करने, रणनीतिक स्थिरता वाले रचनात्मक चीन-अमेरिका संबंधों के दायरे को लगातार व्यापक बनाने तथा दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में संपर्क और सहयोग के लिए अवसरों का विस्तार करने के इच्छुक हैं।
शी ने कहा कि वह दोस्ती को गहरा करने के लिए अमेरिका के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के साथ व्यापक रूप से संवाद करने के लिए भी उत्सुक हैं।
उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के संयुक्त प्रयासों से उन्हें विश्वास है कि यह यात्रा निश्चित रूप से सार्थक परिणाम देगी, दोनों देशों की जनता के कल्याण में मदद करेगी और विश्व शांति के लिए उम्मीद बढ़ाएगी।
चीनी प्रतिनिधिमंडल में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो की स्थायी समिति के सदस्य और केंद्रीय समिति के सामान्य कार्यालय के निदेशक काई छी तथा केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य एवं विदेश मंत्री वांग यी शामिल हैं।
भाषा गोला नेत्रपाल
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