(केजेएम वर्मा)
बीजिंग, 21 अप्रैल (भाषा) चीन ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका द्वारा जब्त किए गए ईरानी मालवाहक जहाज से किसी भी तरह का संबंध होने से मंगलवार को इनकार किया। जहाज पर, कथित तौर पर मिसाइल निर्माण के लिए रासायनिक सामग्री लदी हुई है।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की पूर्व राजदूत निक्की हेली द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘मेरी जानकारी के अनुसार, यह एक विदेशी ध्वज वाला मालवाहक जहाज है। चीन बढ़ा-चढ़ा कर किये जाने वाले किसी भी दावे का विरोध करता है।’’
हेली ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया कि अमेरिका द्वारा जब्त किया गया जहाज चीन से ईरान जा रहा था और उस पर मिसाइल निर्माण के लिए रासायनिक सामग्री लदी हुई थी।
हेली ने कहा, ‘‘इसने रुकने के लिए कई बार दिये गए आदेश को मानने से इनकार कर दिया। यह एक और सबूत है कि चीन ईरान के शासन को मजबूत करने में मदद कर रहा है – एक ऐसी सच्चाई जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।’’
ईरान के बंदरगाहों की ओर जाने वाले जहाजों की नाकाबंदी लागू कर रहे अमेरिकी नौसैनिक जहाज ने मालवाहक जहाज पर उस वक्त गोलाबारी की, जब उसने कथित तौर पर रुकने के आदेश को अनसुना कर दिया।
बाद में, अमेरिकी मरीन सैनिकों ने जहाज को अपने कब्जे में लिया।
ईरानी सेना ने चेतावनी दी है कि वह कंटेनर जहाज के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई का जवाब देगी।
सीएनएन ने ईरान की सेना के हवाले से कहा, ‘‘आक्रमणकारी अमेरिका ने युद्धविराम का उल्लंघन करते हुए और समुद्री डकैती में लिप्त होकर ओमान सागर के जलक्षेत्र में एक ईरानी वाणिज्यिक जहाज पर हमला किया।’’
ईरानी सेना ने कहा कि अमेरिका ने जहाज के नौवहन उपकरण नष्ट कर दिए और उसपर सैनिक तैनात कर दिए, ‘‘जो जहाज के खिलाफ आक्रामक गतिविधि थी।’’
इस घटना के बाद, ईरान ने इस सप्ताह पाकिस्तान में अमेरिका के साथ होने वाली शांति वार्ता के दूसरे दौर में अपनी भागीदारी की पुष्टि करने से भी इनकार कर दिया।
पिछले सप्ताह चीन ने ईरान की सेना को रक्षा और उपग्रह सहायता प्रदान करने से इनकार किया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान को हथियार आपूर्ति करने पर चीन पर भारी शुल्क लगाने की धमकी दी है।
आरोपों का जवाब देते हुए, गुओ ने पिछले सप्ताह कहा कि चीन सैन्य उत्पादों के निर्यात पर हमेशा विवेकपूर्ण और जिम्मेदाराना तरीके से कार्य करता है तथा निर्यात नियंत्रण और उचित अंतरराष्ट्रीय दायित्वों से संबंधित चीन के कानूनों और विनियमों के अनुसार सख्त नियंत्रण रखता है।
शुल्क की धमकी पर उन्होंने कहा, ‘‘यदि अमेरिका इन आरोपों के आधार पर चीन पर टैरिफ बढ़ाता है, तो चीन जवाबी कार्रवाई करेगा।’’
भाषा सुभाष दिलीप
दिलीप