चीन के प्रधानमंत्री ने तिब्बत में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया; 360 लोग अब भी लापता

चीन के प्रधानमंत्री ने तिब्बत में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया; 360 लोग अब भी लापता

चीन के प्रधानमंत्री ने तिब्बत में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया; 360 लोग अब भी लापता
Modified Date: August 27, 2026 / 06:45 pm IST
Published Date: August 27, 2026 6:45 pm IST

बीजिंग, 27 अगस्त (भाषा) चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग ने बृहस्पतिवार को तिब्बत में नेपाल सीमा चौकी के पास ग्यिरोंग टाउनशिप का दौरा किया, जहां भीषण बाढ़ के कारण भारी नुकसान हुआ है और 360 लोग लापता हैं।

तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के ग्यिरोंग टाउनशिप में बुधवार सुबह अचानक बाढ़ आ गई। बाढ़ ने चीन-नेपाल सीमा क्षेत्र के पास स्थित गांवों और कस्बों में भारी तबाही मचाई। इसमें तिब्बत में तीन और नेपाल में 270 लोगों की मौत हो गई, जबकि सैकड़ों अन्य लोग लापता हैं।

सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ की खबर के अनुसार, ली क्विंग संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपदा प्रभावित क्षेत्र पहुंचे।

पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की ‘वेस्टर्न थिएटर कमांड’ के एक दल को बृहस्पतिवार को प्रभावित क्षेत्र में भेजा गया। यह कमांड तिब्बत में भारत-चीन सीमा की निगरानी करती है। यह दल काउंटी में सैन्यकर्मियों द्वारा चलाए जा रहे संयुक्त बचाव अभियान का समन्वय करेगा।

स्थानीय अधिकारियों की ओर से जारी प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इलाके में 260 विदेशी नागरिक लापता हैं। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि इस संबंध में अन्य जानकारियों का अभी सत्यापन किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि नेपाल की ओर प्रभावित क्षेत्र में करीब 100 चीनी नागरिक लापता हैं। उन्होंने कहा कि नेपाल स्थित चीनी दूतावास नेपाली अधिकारियों के साथ मिलकर इस संबंध में और जानकारी जुटा रहा है।

लिन ने कहा कि चीन, नेपाल के साथ लगातार संपर्क और समन्वय बनाए हुए है तथा नेपाली पक्ष के साथ मिलकर तलाश और बचाव अभियान चला रहा है। उन्होंने कहा कि आपदा के प्रभाव के कारण विस्तृत जानकारी अभी प्राप्त होना बाकी है।

चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने बुधवार को युद्धस्तर पर तलाश और बचाव अभियान चलाने का आदेश दिया। इसके बाद पीएलए की वेस्टर्न थिएटर कमांड का संचालन दल प्रभावित क्षेत्र में भेजा गया।

‘शिन्हुआ’ की खबर के अनुसार, वाई-20 परिवहन विमान से भेजा गया यह दल आपदा राहत कार्यों में सहायता के लिए सैन्य बलों को तैनात करेगा।

कमांड ने प्रभावित क्षेत्र में कई बचाव दल को भेजा है, जो सड़कें साफ करने, आपदा का आकलन करने, खोज एवं बचाव अभियान चलाने और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में मदद करेंगे।

खबर के अनुसार, भेजा गया दल पीएलए और सशस्त्र पुलिस बल की बचाव इकाइयों की एकीकृत कमान संभालेगा। विमानन, चिकित्सा, परिवहन और इंजीनियरिंग इकाइयों को भी जरूरत पड़ने पर समय पर अभियान चलाने के लिए पूरी तरह तैयार रखा गया है।

इस बीच, चीन स्थित भारतीय दूतावास ने बुधवार को तिब्बत-नेपाल सीमा पर अचानक आई बाढ़ में फंसे भारतीय नागरिकों के लिए एक परामर्श जारी किया है। इसमें सहायता प्राप्त करने के लिए संपर्क सूत्रों की जानकारी दी गई है।

भाषा आशीष सुरेश

सुरेश


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