विवादित दक्षिण चीन सागर में तनाव को लेकर यूरोप चिंतित: जर्मन राष्ट्रपति

विवादित दक्षिण चीन सागर में तनाव को लेकर यूरोप चिंतित: जर्मन राष्ट्रपति

विवादित दक्षिण चीन सागर में तनाव को लेकर यूरोप चिंतित: जर्मन राष्ट्रपति
Modified Date: June 16, 2026 / 09:20 pm IST
Published Date: June 16, 2026 9:20 pm IST

मनीला, 16 जून (एपी) जर्मन राष्ट्रपति फ्रैंक-वाल्टर स्टीनमीयर ने मंगलवार को फिलीपीन में कहा कि यूरोप दक्षिण चीन सागर में बढ़ते तनाव को लेकर चिंतित है, जहां किसी बड़े टकराव से नौवहन की स्वतंत्रता को खतरा उत्पन्न हो सकता है, जैसा कि हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य में हुआ था।

स्टीनमीयर मनीला में फिलीपीन के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर के साथ थे। स्टीनमीयर फिलीपीन की राजकीय यात्रा पर है। स्टीनमीयर ने ईरान युद्ध के परिणामस्वरूप होर्मुज जलडमरूमध्य में अवरोध का उल्लेख करते हुए कहा कि यूरोपीय नेता दक्षिण चीन सागर में जारी क्षेत्रीय टकरावों को लेकर चिंतित हैं, विशेष रूप से फिलीपीन और चीन के बीच।

अमेरिका दक्षिण चीन सागर पर किसी प्रकार का दावा नहीं करता, लेकिन उसने कई बार चेतावनी दी है कि यदि फिलीपीन की सेनाओं, जहाजों या विमानों पर सशस्त्र हमला होता है तो वह एशिया के अपने सबसे पुराने सहयोगी की रक्षा के लिए बाध्य है।

चीन ने इस विवाद में अमेरिका के हस्तक्षेप को लेकर बार-बार चेतावनी दी है, जिनमें वियतनाम, मलेशिया, ब्रुनेई और ताइवान भी शामिल हैं।

स्टीनमीयर ने एक दुभाषिए के जरिये कहा, “दक्षिण चीन सागर की स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है और यह चिंता का विषय है क्योंकि हिंद-प्रशांत, विशेष रूप से दक्षिण-पूर्व एशिया, दुनिया के सबसे आर्थिक रूप से गतिशील क्षेत्रों में से एक है।”

उन्होंने कहा, “यदि दुनिया के उस हिस्से में घटनाएं होती हैं, तो यह यूरोप के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के उल्लंघन से नौवहन की स्वतंत्रता को खतरा होता है, जैसा कि हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य में बहुत स्पष्ट रूप से दिखा है।”

होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से वैश्विक स्तर पर ईंधन और उर्वरक की कीमतों में उछाल आया था और यह मुद्दा स्टीनमीयर और मार्कोस के बीच बंद कमरे में हुई बातचीत में भी शामिल रहा।

स्टीनमीयर ने दक्षिण चीन सागर में किसी भी देश पर सीधा आरोप नहीं लगाया, हालांकि जर्मनी पहले कह चुका है कि चीन की गतिविधियां तटीय देशों जैसे फिलीपीन के अधिकारों का उल्लंघन करती हैं और नौवहन की स्वतंत्रता को खतरे में डालती हैं।

एपी अमित प्रशांत

प्रशांत


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