(सागर कुलकर्णी)
वाशिंगटन, 26 जुलाई (भाषा) अमेरिकी सांसदों श्री थानेदार और राजा कृष्णमूर्ति ने अमेरिका में भारत-के प्रति नफरत का मुकाबला करने का संकल्प लिया और प्रवासी भारतीय समुदाय के लोगों से सार्वजनिक पद के लिए चुनाव लड़कर नागरिक जीवन में शामिल होने का आह्वान किया।
भारतीय-अमेरिकी समिति द्वारा अमेरिकी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए डेमोक्रेट पार्टी के सांसद थानेदार ने कहा कि कुछ लोग अक्सर यह भूल जाते हैं कि अमेरिका प्रवासियों का देश है।
मिशिगन से अमेरिकी कांग्रेस के सदस्य थानेदार ने शनिवार को कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘पूरे अमेरिका में आप्रवासियों के प्रति जो नफरत हमने देखी है, उसे बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। हमें… हमें यह मांग करना होगा कि आप्रवासियों, उनकी संस्कृति और इस महान देश में उनके योगदान का हर दिन सम्मान और आदर किया जाए।’’
थानेदार ने कहा, ‘‘हममें बदलाव तभी आ सकता है, जब हममें से बहुत से लोग सार्वजनिक सेवा में आएं और पूरे जोश और जानकारी के साथ देश की सेवा करें। हमें राजनीति के क्षेत्र में स्थानीय, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर और ज़्यादा भारतीय-अमेरिकी लोगों को सेवा करते हुए देखना है।’’
इलिनोइस से कांग्रेस सदस्य कृष्णमूर्ति ने अमेरिका के कुछ हिस्सों में भारत के प्रति घृणा के बारे में भी बात की और इसका डटकर मुकाबला करने का संकल्प लिया।
कृष्णमूर्ति ने कहा, ‘‘हम यहीं रहेंगे। हम इस देश का अहम हिस्सा हैं। और अमेरिका के 250वें जन्मदिन पर, हम इसका डटकर मुकाबला करेंगे।’’ कृष्णमूर्ति ने उस घटना को याद किया, जब उन्हें भारत वापस भेजने की मांग की गई थी।
कृष्णमूर्ति ने कहा, ‘‘हम भारत के प्रति घृणा के खिलाफ लड़ेंगे। हम हिंदू के खिलाफ घृणा के खिलाफ लड़ेंगे। हम किसी भी व्यक्ति के प्रति पूर्वाग्रह, कट्टरता और भेदभाव के सभी रूपों के खिलाफ लड़ेंगे।’’
कृष्णमूर्ति इस साल मार्च में इलिनोइस से अमेरिकी सीनेट के लिए डेमोक्रेटिक प्राइमरी हार गए थे।
भाषा धीरज दिलीप
दिलीप