जी7 देशों ने यूक्रेन युद्ध को फिर से ट्रंप के एजेंडे में शीर्ष पर लाने की कोशिश की

जी7 देशों ने यूक्रेन युद्ध को फिर से ट्रंप के एजेंडे में शीर्ष पर लाने की कोशिश की

जी7 देशों ने यूक्रेन युद्ध को फिर से ट्रंप के एजेंडे में शीर्ष पर लाने की कोशिश की
Modified Date: June 16, 2026 / 09:30 pm IST
Published Date: June 16, 2026 9:30 pm IST

एवियॉन (फ्रांस), 16 जून (एपी) फ्रांस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहे अमेरिका के सहयोगी देशों ने यूक्रेन में चार साल से अधिक समय से जारी युद्ध को मंगलवार को एक बार फिर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एजेंडे में शीर्ष पर लाने की कोशिश की।

मेजबान देश फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि वह ट्रंप को यूक्रेन का समर्थन जारी रखने और रूस पर शांति समझौता का दबाव बढ़ाने के लिए मनाने का प्रयास करेंगे।

हाल के हफ्तों में ईरान युद्ध ने यूक्रेन के खिलाफ रूस के आक्रमण से ध्यान हटा दिया था। हालांकि, तेहरान के साथ लगभग साढ़े तीन महीने पहले शुरू हुई लड़ाई को खत्म करने के लिए समझौते पर पहुंचने की घोषणा करने के बाद ट्रंप ने कहा है कि वह अब यूक्रेन पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं, क्योंकि ईरान का मुद्दा “जल्द ही पीछे छूट जाएगा।”

जी7 की अध्यक्षता कर रहे फ्रांस के मुताबिक, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की शिखर सम्मेलन के सुबह के सत्र में शामिल हुए, लेकिन बातचीत महज 75 मिनट में खत्म हो गई।

बातचीत से वाकिफ एक फ्रांसीसी राजनयिक ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि ट्रंप सहित जी7 नेताओं ने रूस पर दबाव बढ़ाने पर सहमति जताई, खासकर उसके तेल और गैस क्षेत्र को निशाना बनाने वाले प्रतिबंधों के जरिये।

राजनयिक ने कहा कि जी7 नेताओं ने यूक्रेन पर “बहुत सार्थक” बातचीत की। उन्होंने बताया कि नेताओं ने यूक्रेन को अतिरिक्त वायु रक्षा प्रणालियां और अन्य सुरक्षा उपाय उपलब्ध कराकर उसका समर्थन करने पर भी सहमति जताई।

इससे पहले, ट्रंप प्रशासन ने रूसी आक्रमण से निपटने के लिए यूक्रेन को दी जाने वाली मदद में कटौती कर दी थी। इसके बाद फ्रांस और कुछ अन्य यूरोपीय देश कीव को सबसे ज्यादा सैन्य और आर्थिक मदद मुहैया कराने वाले देश बन गए थे।

स्विट्जरलैंड की सीमा के करीब स्थित एवियॉन में ट्रंप ने अमेरिका पर रूस-यूक्रेन युद्ध के असर को कम करके आंका, लेकिन इसमें जानमाल के नुकसान पर दुख जताया।

उन्होंने कहा, “यह सब बेतुका है। इसलिए, मैं जो कुछ भी कर सकता हूं, वह करूंगा।”

बहरहाल, जी7 शिखर सम्मेलन की शुरुआत से कुछ घंटे पहले रूस ने यूक्रेन के प्रमुख शहरों पर बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए, जिनमें कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई और एक धार्मिक स्थल में आग लग गई।

ये हमले रविवार को ऐसे समय में किए गए, जब पुतिन और जेलेंस्की ने ट्रंप के 80वें जन्मदिन के मद्देनजर कुछ देर पहले फोन पर उनसे अलग-अलग बात करते हुए शुभकामनाएं दी थीं।

दोनों नेताओं से ट्रंप की बातचीत दिखाती है कि वाशिंगटन ने मॉस्को और कीव के बीच फरवरी 2022 में छिड़े युद्ध को समाप्त करने के कूटनीतिक प्रयास अभी बंद नहीं किए हैं।

इस बीच, ब्रिटेन ने कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के परिवहन के लिए रूस की ओर से इस्तेमाल किए जाने वाले “गुप्त बेड़े” और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों से बचने के लिए मॉस्को की ओर से अपनाए जाने वाले वित्तीय ढांचे को लक्षित करते हुए नये प्रतिबंधों की घोषणा की।

खबरों के मुताबिक, जिन जहाजों पर प्रतिबंध लगाया गया है, उनमें से कई को रूस ने हाल में अपनी ‘आर्कटिक एलएनजी-2’ परियोजना से तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) ले जाने के लिए खरीदा था। पिछले हफ्ते ब्रिटिश सेना ने इंग्लिश चैनल में रूस के ‘गुप्त बेड़े’ में शामिल जहाज को जब्त किया था।

मंगलवार को जी7 शिखर सम्मेलन के सत्रों में अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते के छाए रहने की संभावना है। ट्रंप ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी के साथ आमने-सामने की बातचीत की। बाद में वह संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से भी मिलेंगे। ये पश्चिम एशियाई देश जी7 का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन मैक्रों ने इनके नेताओं को शिखर सम्मेलन में शामिल होने का न्योता दिया है।

ट्रंप ने ईरान समर्थित चरमपंथी समूह हिज्बुल्ला के साथ इजराइल के लगातार जारी टकराव पर नाखुशी जाहिर करते हुए संवाददाताओं से कहा, “इजराइल ने लेबनान और हिजबुल्ला के साथ जिस तरह से बर्ताव किया है, वह उससे खुश नहीं हैं।”

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “उन्हें (इजराइल को) उनसे (हिजबुल्ला से) ज्यादा तेजी से निपटना चाहिए था। यह बस चलता ही रहता है। जब ऐसा होता है, तो इससे बड़े समझौते पर बुरा असर पड़ता है… और ईरान के साथ होने वाले समझौते के मामले में भी ऐसी ही है।”

जी7 में फ्रांस, अमेरिका, कनाडा, जर्मनी, इटली, जापान और ब्रिटेन शामिल हैं। शिखर सम्मेलन में ब्राजील, भारत, केन्या और दक्षिण कोरिया जैसे अन्य देशों को भी कुछ चर्चाओं में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है।

खबरों के अनुसार, जी7 नेता दोपहर के भोज के दौरान भी पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा करेंगे और बातचीत का मुख्य विषय अमेरिका-ईरान शांति समझौते के बाद आगे का रास्ता हो सकता है।

एपी पारुल सुरेश

सुरेश


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