हेनरी किसिंजर की मृत्यु पर दुनिया भर में मिलीजुली प्रतिक्रिया हुई

हेनरी किसिंजर की मृत्यु पर दुनिया भर में मिलीजुली प्रतिक्रिया हुई

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  • Publish Date - November 30, 2023 / 04:02 PM IST,
    Updated On - November 30, 2023 / 04:02 PM IST

(फाइल तस्वीर के साथ)

तोक्यो, 30 नवंबर (एपी) अमेरिकी विदेश मंत्री के रूप में दशकों पहले सेवाएं देने वाले पूर्व राजनयिक हेनरी किसिंजर की मौत पर विश्व नेताओं और अन्य लोगों की बृहस्पतिवार को बंटी हुई प्रतिक्रियाएं सामने आईं। इसमें हालांकि कोई दो राय नहीं है कि मौत के बाद भी वह दुनिया का ध्यान आकर्षित करने में कामयाब रहे।

पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने जो बयान दिया उससे कई पूर्व और मौजूदा उच्च-स्तरीय अधिकारी सुर में सुर मिलाते नजर आए। बुश ने कहा, “अमेरिका ने विदेशी मामलों पर सबसे भरोसेमंद और विशिष्ट आवाजों में से एक को खो दिया है”।

बुश ने एक बयान में कहा, “मैं लंबे समय से उस व्यक्ति की प्रशंसा करता रहा हूं जो एक यहूदी परिवार के युवा लड़के के रूप में नाजियों के अत्याचार से बचकर आया, फिर अमेरिका की सेना में शामिल हो उनसे लड़ा। जब वह बाद में विदेश मंत्री बने, तो एक पूर्व शरणार्थी के रूप में उनकी नियुक्ति ने जितना उनकी महानता को उल्लेखित किया उतना ही अमेरिका की महानता के बारे में भी बताया।”

किसिंजर ने दो राष्ट्रपतियों, रिचर्ड निक्सन और गेराल्ड फोर्ड के कार्यकाल में सेवाएं दीं और विदेश नीति पर हावी रहे क्योंकि अमेरिका ने खुद को वियतनाम से अलग कर लिया और चीन के साथ रिश्तों को सुधारने पर भी काम किया।

अमेरिका के एक पूर्व विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा कि किसिंजर ने अमेरिकी इतिहास और दुनिया पर अमिट छाप छोड़ी है।

पोम्पियो ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “मैं विदेश मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उनकी सलाह और मदद के लिए हमेशा आभारी रहूंगा। हमेशा सहायक और हमेशा सुविज्ञ, उनकी बुद्धिमत्ता ने हमारी हर बातचीत के बाद मुझे बेहतर बनाया और अधिक तैयार किया।”

सोशल मीडिया पर हालांकि किसिंजर की विशेष तौर पर कड़ी आलोचना हो रही है, जहां उन्हें व्यापक रूप से युद्ध अपराधी के रूप में संदर्भित किया गया।

किसिंजर का पद छोड़ने के काफी समय बाद तक वैश्विक मामलों पर असामान्य प्रभाव रहा। उन्होंने जुलाई में बीजिंग में चीनी नेता शी चिनफिंग से ऐसे वक्त मुलाकात की जब द्विपक्षीय संबंध बेहद निचले स्तर पर थे। शी ने उनसे कहा कि दोनों पक्षों को “नए निर्णय लेने” की जरूरत है जिसके परिणामस्वरूप संबंध स्थिर हो सकते हैं और “संयुक्त सफलता और समृद्धि” आ सकती है।

किसिंजर को निक्सन के शासन के दौरान चीन में सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी और अमेरिका के बीच संबंधों को खोलने के लिए सम्मानित दृष्टि से देखा जाता है।

उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, लेकिन अब भी वे उस विदेश नीति से जुड़े हुए हैं जिसका उन्होंने समर्थन किया था।

भाषा प्रशांत पवनेश

पवनेश