लाल सागर में सऊदी अरब के दो टैंकरों पर हूतियों का हमला

लाल सागर में सऊदी अरब के दो टैंकरों पर हूतियों का हमला

लाल सागर में सऊदी अरब के दो टैंकरों पर हूतियों का हमला
Modified Date: July 23, 2026 / 07:23 pm IST
Published Date: July 23, 2026 7:23 pm IST

काहिरा, 23 जुलाई (एपी) ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने कहा कि उन्होंने बृहस्पतिवार तड़के लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर हमला किया। वहीं, अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ लगातार 12वीं रात हवाई हमले किए, जबकि कूटनीतिक प्रयासों में प्रगति की संभावनाएं लगातार क्षीण होती दिखाई दीं।

हूती विद्रोहियों के हमले से इस युद्ध में एक नया मोर्चा खुलने की आशंका पैदा कर दी है, जिसने वैश्विक अर्थव्यवस्था को पहले ही झकझोर रखा है। इस संघर्ष के कारण दुनिया भर में ईंधन समेत अन्य वस्तुओं की कीमतों में तेज़ उछाल आया है। वहीं, फारस की खाड़ी में तनाव और गहरा गया है, क्योंकि अमेरिका और ईरान रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर प्रभाव और नियंत्रण को लेकर आमने-सामने हैं।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि उसके हमलों का उद्देश्य ‘होर्मुज से गुजरने वाले आम नाविकों और वाणिज्यिक जहाजों को खतरा पहुंचाने की ईरान की क्षमता को और कमजोर करना’ है।

अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य पर फिर से नियंत्रण हासिल करने और अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही बहाल करने की कोशिश कर रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को चेतावनी दी कि जब भी ईरान इस जलडमरूमध्य में किसी जहाज पर हमला करेगा, अमेरिका एक ईरानी पुल या बिजली संयंत्र को नष्ट कर देगा।

दोनों पक्षों ने नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की धमकी दी है। अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार आमतौर पर तब तक ऐसे हमलों की अनुमति नहीं होती जब तक कि उस ढांचे का इस्तेमाल सैन्य उद्देश्यों के लिए न किया जा रहा हो।

अमेरिकी की ओर से कूटनीतिक समाधान के लिए तैयार होने की बात कहे जाने के एक दिन बाद बृहस्पतिवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सख्त रुख अपनाया।

फिलीपीन में एक क्षेत्रीय शिखर सम्मेलन में भाग लेने के दौरान पत्रकारों से बातचीत में रुबियो ने कहा, ‘जब तक वे समझदारी नहीं दिखाते, उन्हें हर गुजरती रात के साथ इसकी और बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।’

रुबियो ने दावा किया कि ईरान समझौते के लिए ‘गिड़गिड़ा रहा है’, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि फिलहाल उसकी पेशकश पर प्रतिक्रिया देने का कोई खास औचित्य नहीं है। उन्होंने कहा, ‘साफ़ तौर पर ईरान अभी समझौते के लिए तैयार नहीं है, कम से कम ऐसे समझौते के लिए नहीं, जिसकी शर्तों का पालन करने को वह तैयार हो।’

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान ‘जैसे को तैसा’ की रक्षा नीति अपनाएगा।

रुबियो ने कहा, ‘राष्ट्रपति की नीति ‘ईंट का जवाब पत्थर से’ की है। वे जो कुछ कर रहे हैं, उसकी उन्हें बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।’

ईरान के गृह मंत्री सिकंदर मोमेनी संघर्ष में महत्वपूर्ण मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे देश पाकिस्तान में थे और कूटनीति को फिर से शुरू करने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हुआ कि युद्ध खत्म करने के लिए कौन-सा नया समझौता हो सकता है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री इस्हाक डार ने अमेरिका और ईरान से ‘संयम बरतने, अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करने और शांतिपूर्ण बातचीत जारी रखने’ की अपील की।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने लाल सागर में सऊदी टैंकरों पर हुए हमले की ‘कड़े शब्दों में’ निंदा की। उनके कार्यालय के एक बयान में यह जानकारी दी गई।

एक अरब राजनयिक ने कहा कि खाड़ी देश अब तनाव कम करने का रास्ता निकालने को लेकर ज्यादा निराश हैं।

संवेदनशील स्थिति के कारण नाम न बताने की शर्त पर राजनयिक ने कहा कि पाकिस्तान और तुर्किये के अलावा क्षेत्रीय देश भी तनाव कम करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सुधार की संभावना कम दिखाई दे रही है।

ईरान समर्थित हूतियों का कहना है कि उन्होंने तेल टैंकरों पर हमला किया

हूती समाचार एजेंसी सबा ने कहा कि विद्रोहियों ने लाल सागर में दो टैंकरों — एन्सेलिया और लैला — पर हमला किया, जिससे दोनों में आग लग गई।

यह इस सप्ताह की शुरुआत में सऊदी अरब से जुड़े जहाजों की बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से नाकाबंदी की घोषणा के बाद किसी जहाज पर किया गया पहला हमला है।

एक वरिष्ठ हूती अधिकारी ने कहा कि सऊदी अरब से जुड़े जहाजों की नाकाबंदी तब तक जारी रहेगी, जब तक हूतियों के खिलाफ वर्षों पुरानी सऊदी नाकाबंदी नहीं हटाई जाती।

सरकारी सऊदी प्रेस एजेंसी ने बताया कि रात में हुए हमले के कारण लाल सागर में एन्सेलिया टैंकर में आग लग गई। उसने कहा कि कोई हताहत नहीं हुआ। एजेंसी ने लैला टैंकर का जिक्र नहीं किया।

‘यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर’ (यूकेएमटीओ) ने कहा कि उसे सऊदी अरब के अल शुकीक से 70 समुद्री मील दक्षिण-पश्चिम में एक टैंकर पर ‘अज्ञात वस्तु’ से हमला होने की सूचना मिली। उसने कहा कि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

टैंकर हमले के बारे में पूछे जाने पर रुबियो ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि हूती ‘तनाव कम करेंगे।’

रुबियो ने कहा, “मुझे लगता है कि हूती वास्तव में ईरान के कारण इस मामले में फंस गए हैं। वे इससे दूर रहकर समझदारी दिखा रहे थे और उन्हें इससे दूर रहना चाहिए तथा इसे रोकना चाहिए। देखते हैं आगे क्या होता है। जाहिर तौर पर यह सकारात्मक घटनाक्रम नहीं है।’

ईरान और अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर अड़े हुए हैं, जो वैश्विक ऊर्जा के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है।

ईरान का कहना है कि उसे जलडमरूमध्य में यातायात को नियंत्रित करने और संभावित रूप से शुल्क लेने का अधिकार है। युद्ध से पहले यह मार्ग सभी देशों के लिए खुला था और यहां कोई शुल्क नहीं लगता था।

ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि अमेरिकी मिसाइलों ने रातभर पश्चिमी ईरान के अहवाज, रामशीर और अंदिमेश्क शहरों के पास ठिकानों को निशाना बनाया।

इराक सीमा के पास शलमचेह शहर में अमेरिकी मिसाइल हमले में दो लोगों की मौत हो गई।

ईरान ने अमेरिकी हमलों के जवाब में खाड़ी देशों में ऊर्जा ढांचे और पेयजल उपलब्ध कराने वाले समुद्री जल को पीने योग्य बनाने वाले संयंत्रों को निशाना बनाया है।

जॉर्डन के अधिकारियों ने कहा कि देश की सेना ने बृहस्पतिवार सुबह तीन मिसाइलों को रोक दिया, जबकि चौथी मिसाइल खाली क्षेत्र में गिरी। बुधवार रात छह ड्रोन भी रोके गए।

एपी जोहेब पवनेश

पवनेश


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