(एम जुल्करनैन)
लाहौर, 19 फरवरी (भाषा) पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के एक करीबी सहयोगी ने कहा है कि जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को दो बार “समझौते” की पेशकश की गई थी, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
प्रधानमंत्री के राजनीतिक मामलों के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने बुधवार शाम एक ‘टॉक शो’ में खुलासा किया, “पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान खान के साथ समझौता करने के लिए अतीत में दो गंभीर प्रयास किए गए थे, लेकिन वे विफल रहे।”
सनाउल्लाह ने कहा, “पहला प्रयास संघीय गृह मंत्री मोहसिन नकवी और खैबर पख्तूनख्वा के तत्कालीन मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर के नेतृत्व में 26 नवंबर, 2024 से पहले किया गया था, और दूसरा प्रयास हाल ही में विदेश के कुछ लोगों द्वारा किया गया था। इमरान खान ने शुरू में सहमति जताई थी लेकिन बाद में समझौते से पीछे हट गए।”
उन्होंने कहा, “हम इस समस्या का राजनीतिक समाधान चाहते हैं, लेकिन खान कोई रास्ता निकालने को तैयार नहीं हैं।”
पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएलएन) के प्रमुख नवाज शरीफ के करीबी सहयोगी सनाउल्लाह ने आगे कहा कि खान मौजूदा सरकार को हटाना और खुद सत्ता में आना चाहते हैं।
तीन बार प्रधानमंत्री रह चुके नवाज शरीफ द्वारा सैन्य प्रतिष्ठान के साथ समझौते का बचाव करते हुए सनाउल्लाह ने कहा, “नवाज शरीफ एक अनुभवी राजनीतिज्ञ हैं। उन्होंने अपने और अपनी पार्टी के लिए आगे बढ़ने का रास्ता खोज लिया है।” सनाउल्लाह के खुलासे पर प्रतिक्रिया देते हुए, संघीय सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने बृहस्पतिवार को अपने ‘एक्स’ खाते पर एक पोस्ट में स्पष्टीकरण देते हुए कहा, “इमरान खान को न तो किसी सौदे की पेशकश की गयी है और न ही किसी प्रकार की रियायत दी जा रही है। सरकार द्वारा इमरान खान को राहत दिए जाने की कोई भी धारणा पूरी तरह निराधार है। इमरान खान दोषी ठहराए गए अपराधी हैं।”
इस बीच, खान के परिवार और पार्टी ने उनके निजी चिकित्सकों की उपस्थिति में इस्लामाबाद के शिफा अस्पताल में उनकी आंखों के इलाज की मांग की है।
खान के वकील सलमान सफदर ने पिछले हफ्ते उच्चतम न्यायालय को बताया कि 73 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री जेल में अपनी दाहिनी आंख की 85 प्रतिशत रोशनी खो चुके हैं।
खान की बहन नोरीन खान ने कहा, “इमरान खान को फील्ड मार्शल जनरल आसिम मुनीर के निर्देशों के तहत जेल में अकल्पनीय दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि देश अवैध और गैर-इस्लामिक शासन के अधीन है।”
क्रिकेटर से नेता बने खान कई मामलों में अगस्त 2023 से जेल में हैं।
भाषा प्रशांत अविनाश
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