भारत और स्लोवाकिया अपने संबंधों को व्यापक साझेदारी के स्तर पर ले जाने को हुए सहमत

भारत और स्लोवाकिया अपने संबंधों को व्यापक साझेदारी के स्तर पर ले जाने को हुए सहमत

भारत और स्लोवाकिया अपने संबंधों को व्यापक साझेदारी के स्तर पर ले जाने को हुए सहमत
Modified Date: June 15, 2026 / 04:07 pm IST
Published Date: June 15, 2026 4:07 pm IST

(तस्वीरों के साथ)

ब्रातिस्लावा, 15 जून (भाषा) भारत और स्लोवाकिया ने सोमवार को अपने संबंधों को ‘व्यापक साझेदारी’ के स्तर तक बढ़ाने और द्विपक्षीय व्यापार तथा रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। दोनों देशों के बीच यह सहमति प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के बीच बातचीत के बाद बनी।

दोनों नेता भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को यथाशीघ्र लागू करने की दिशा में काम करने पर भी सहमत हुए। इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को काफी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री मोदी यूरोप की अपनी एक हफ्ते की यात्रा के तहत ब्रातिस्लावा में हैं। किसी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की यह पहली यात्रा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने मीडिया में जारी बयान में कहा, ‘‘हमने अपने संबंधों को ‘व्यापक साझेदारी’के स्तर तक ले जाने का फैसला किया है। यह हमारी साझा मान्यताओं, साझा प्राथमिकताओं और साझा भविष्य का प्रतीक है।’’

मोदी ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने में स्लोवाकिया से मिले सहयोग के लिए फिको के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा, ‘‘हम इसे यथाशीघ्र लागू करने की दिशा में काम करेंगे ताकि दोनों देशों के उद्योगों, स्टार्टअप और व्यापारियों को इससे अधिक से अधिक लाभ मिल सके।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और स्लोवाकिया के बीच रक्षा सहयोग दोनों पक्षों के बीच ‘प्रगाढ़ होते आपसी भरोसे और रणनीतिक तालमेल’’ का सबूत है।

दोनों नेताओं के बीच बातचीत के बाद रक्षा सहयोग पर एक रुचि पत्र को अंतिम रूप दिया गया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इससे दोनों पक्षों के रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग को नयी गति मिलेगी।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री फिको ने भारत- यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते की प्रशंसा की और इसे अब तक के सबसे ‘‘महत्वाकांक्षी’’ व्यापार समझौतों में से एक बताया।

उन्होंने कहा, ‘‘स्लोवाकिया न केवल इस समझौते का स्वागत करता है, बल्कि इसे लागू करने के लिए अवाश्यक और व्यावहारिक कदम भी उठाएगा।’’

भाषा धीरज रंजन

रंजन


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