Jabalpur Sanjivani Scam : मरीजों को मिल रहा था ‘कागजी बेड’.. स्टाफ के बैठने के खरीदी कुर्सी भी नहीं पहुंची अस्पताल, इतने करोड़ रुपए डकार गए स्वास्थ्य विभाग के अफसर

Ads

जबलपुर में संजीवनी क्लीनिक योजना में बड़ा घोटाला सामने आया है, जहां फर्नीचर, मशीनें और दवाइयों की खरीदी सिर्फ कागज़ों में दिखाकर करोड़ों रुपए का भुगतान कर दिया गया। मामले में सीएमएचओ सहित जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई शुरू हो गई है।

  • Reported By: Vijendra Pandey

    ,
  •  
  • Publish Date - April 6, 2026 / 08:42 PM IST,
    Updated On - April 6, 2026 / 08:45 PM IST

Jabalpur Sanjivani Scam / Image Source : AI GENERATED

HIGHLIGHTS
  • संजीवनी क्लीनिक्स में 1 करोड़ 75 लाख रुपए की खरीदी कागज़ों में दिखाई गई।
  • जांच में 93 लाख रुपए का सामान रिकॉर्ड में मिला, लेकिन मौके पर गायब था।
  • जांच में 93 लाख रुपए का सामान रिकॉर्ड में मिला, लेकिन मौके पर गायब था।

जबलपुर: Jabalpur Sanjivani Scam  मध्य प्रदेश के जबलपुर ज़िले में अब संजीवनी घोटाला सामने आया है, जिसमें शासन की महत्वाकांक्षी योजना संजीवनी क्लीनिक्स में साजोसामान की खरीदी केवल कागज़ों में कर दी गई। संजीवनी क्लीनिक्स में न स्टाफ को बैठने के लिए फर्नीचर मिला, न मरीजों को दवाई, और कागज़ों में ही रंगाई-पुताई दिखाकर 1 करोड़ 75 लाख रुपए डकार लिए गए। इस मामले में दोषी जबलपुर के सीएमएचओ डॉ. संजय मिश्रा को सस्पेंड किया गया है और जांच जारी है।

कमरे खाली, रिकॉर्ड में फर्नीचर

दरअसल, जबलपुर स्थित इस संजीवनी क्लीनिक में भले ही कमरे खाली दिखें, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में यहां पूरा फर्नीचर खरीदकर लगाया जाना दर्ज है। MP Health Department News संजीवनी क्लीनिक में न कंप्यूटर है, न बीपी नापने की मशीन, लेकिन रिकॉर्ड में खरीदी दिखाकर करोड़ों का भुगतान हो चुका है। जबलपुर के कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने शिकायत मिलने पर संजीवनी क्लीनिक के रिकॉर्ड और बजट खर्च की जांच करवाई तो यह घोटाला सामने आया। जांच में पता चला कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी संजीवनी क्लीनिक्स में लगने वाले साजोसामान की खरीदी कागज़ों में दिखाकर फर्जीवाड़ा कर रहे थे।

सीएमएचओ और स्टोर प्रभारी सस्पेंड

जांच में 93 लाख रुपए का ऐसा सामान गायब मिला, जिसकी खरीदी दिखाकर स्टोर रूम में भी एंट्री दर्ज कर दी गई थी। इतना ही नहीं, कई संजीवनी क्लीनिक्स में कागज़ों में ही साफ-सफाई और रंगाई-पुताई दिखा दी गई। इस पूरे मामले में कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने कार्रवाई करते हुए पहले जिला अस्पताल के स्टोर प्रभारी को सस्पेंड किया और फिर उनकी रिपोर्ट पर राज्य सरकार ने जबलपुर के सीएमएचओ डॉ. संजय मिश्रा को सस्पेंड कर दिया। अब डॉ. मिश्रा अपने बचाव में यह दलील दे रहे हैं कि बजट लैप्स होने की आशंका से उन्होंने फर्मों को पहले भुगतान कर दिया था और खरीदी गई सामग्री धीरे-धीरे संजीवनी क्लीनिक्स और स्टोर रूम तक पहुंच जाती।

आरोपियों की संख्या बढ़ने की आशंका

मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक योजना शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल है, जो जनता को मोहल्लों में ही सभी तरह की जांच और इलाज की सुविधा देने के लिए बनाई गई थी, लेकिन भ्रष्ट अधिकारियों ने इसे अपनी जेबें गर्म करने का ज़रिया बना लिया। फिलहाल मामले की जांच जारी है, जिसमें घोटाले का दायरा और आरोपियों की संख्या दोनों बढ़ने की आशंका है।

इन्हे भी पढ़ें:-

घोटाला किस योजना में सामने आया है?

यह घोटाला मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक योजना में सामने आया है।

कुल कितनी रा शि में गड़बड़ी सामने आई?

करीब 1 करोड़ 75 लाख रुपए की अनियमितता सामने आई है।

इस मामले में किस पर कार्रवाई हुई है?

सीएमएचओ डॉ. संजय मिश्रा और जिला अस्पताल के स्टोर प्रभारी पर कार्रवाई की गई है।