पोर्ट ऑफ स्पेन, 10 मई (भाषा) भारत और त्रिनिदाद-टोबैगो ने पर्यटन, स्वास्थ्य सेवा, अवसंरचना और आयुर्वेद सहित विभिन्न क्षेत्रों में आठ समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। ये समझौते विदेश मंत्री एस जयशंकर की कैरेबियाई देश की दो दिवसीय यात्रा के दौरान किए गए। आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
विदेश मंत्रालय द्वारा रविवार को जारी बयान में कहा गया कि 8-9 मई को कैरेबियाई देश की यात्रा के दौरान जयशंकर ने प्रधानमंत्री कमला प्रसाद बिसेसर और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर बातचीत की तथा पिछले साल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की त्रिनिदाद – टोबैगो की यात्रा के दौरान की गई घोषणाओं पर हुई प्रगति की समीक्षा की।
बयान के मुताबिक, दोनों पक्षों ने नेल्सन द्वीप के बुनियादी ढांचे का उन्नयन (जहां भारतीय प्रवासी शुरू में ठहरे थे) और वेस्ट इंडीज विश्वविद्यालय में आयुर्वेद पर एक भारतीय पीठ की स्थापना सहित कुल आठ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए।
मंत्रालय के मुताबिक, बिसेसर की उपस्थिति में, जयशंकर ने चयनित स्कूली बच्चों को 2,000 लैपटॉप की पहली खेप प्रदान की और एक कृषि-प्रसंस्करण प्रतिष्ठान का उद्घाटन किया, जिसके लिए भारत ने पिछले वर्ष 10 लाख अमेरिकी डॉलर मूल्य की मशीनरी प्रदान की थी।
बयान में कहा गया कि प्रसाद-बिसेसर और जयशंकर ने संयुक्त रूप से पेनाल में त्रिनिदाद और टोबैगो के राष्ट्रीय कृत्रिम अंग केंद्र का उद्घाटन किया।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों नेताओं ने बुनियादी ढांचे, सुरक्षा, फॉरेंसिक, स्वास्थ्य सेवा और क्षमता निर्माण में सहयोग सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
बयान में कहा गया कि दोनों पक्षों ने ‘ग्लोबल साउथ’ (विकासशील और अल्प विकसित देशों के संदर्भ में) से संबंधित मुद्दों सहित क्षेत्रीय और बहुपक्षीय मंचों में समन्वय की प्रतिबद्धता दोहराई।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस यात्रा से त्रिनिदाद और टोबैगो के साथ भारत के संबंधों को नई गति मिली है।
जयशंकर की त्रिनिदाद – टोबैगो की यात्रा शनिवार को संपन्न हो गई। वह पोर्ट ऑफ स्पेन में जमैका, सूरीनाम और त्रिनिदाद- टोबैगो की तीन देशों की अपनी यात्रा के अंतिम चरण में पहुंचे, जिसका उद्देश्य कैरेबियाई देशों के साथ भारत के संबंधों को और मजबूत करना था।
भाषा धीरज नेत्रपाल
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