भारत-अमेरिका संबंध पहले से कहीं अधिक मजबूत: पेंटागन अधिकारी

Ads

भारत-अमेरिका संबंध पहले से कहीं अधिक मजबूत: पेंटागन अधिकारी

  •  
  • Publish Date - March 21, 2024 / 10:05 AM IST,
    Updated On - March 21, 2024 / 10:05 AM IST

(ललित के झा)

वाशिंगटन, 21 मार्च (भाषा) अमेरिका के रक्षा विभाग के शीर्ष अधिकारियों ने सांसदों से कहा कि भारत और अमेरिका के बीच संबंध गहरे हो रहे हैं और पहले से कहीं अधिक मजबूत हैं।

हालांकि कांग्रेस (संसद) के एक प्रभावशाली सदस्य ने इस बात पर जोर दिया कि रूस के साथ रिश्तों की वजह से भारत का रुख ‘इधर-उधर’ वाला है।

हिंद-प्रशांत सुरक्षा मामलों के सहायक रक्षा मंत्री एली एस रैटनर ने हिंद-प्रशांत पर संसद की उपसमिति के सदस्यों से बुधवार को कहा कि अमेरिका कई क्षेत्रों में भारत के साथ अपने रिश्ते मजबूत कर रहा है।

रैटनर ने डेमोक्रेटिक पार्टी से कांग्रेस के सदस्य एडम स्मिथ के एक प्रश्न के उत्तर में कहा, “मैं अमेरिका-भारत रिश्तों को पहले से कहीं अधिक विकसित और मजबूत कहूंगा और ये स्वतंत्र और मुक्त हिंद-प्रशांत के हमारे दृष्टिकोण के लिए जरूरी हैं।”

उन्होंने कहा, “हम संबंधों को कई क्षेत्रों में मजबूत कर रहे हैं जिसमें सह-उत्पादन शामिल है जहां हमने जेट इंजनों पर कुछ अहम प्रगति की है। हमारे रक्षा औद्योगिक आधार को एकीकृत करने के लिए बख्तरबंद वाहनों पर कुछ नई परियोजनाएं भी शामिल हैं, जो रिश्तों को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में अहम हैं।’’

स्मिथ ने कहा, “मैं उन्हें अहम मानता हूं, लेकिन रूस के साथ रिश्तों की वजह से भारत का रुख थोड़ा ‘इधर-उधर’ वाला भी है।’’

उन्होंने कहा, “दुनिया भर में हमारे कई विरोधियों के साथ उनके रिश्ते हैं। मुझे लगता है कि भविष्य में उन्हें हमारे साथ काम करने के लिए प्रेरित करना हमारी जरूरतों को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण है।”

उन्होंने रैटनर से पूछा था कि वह भारत के साथ अमेरिका के संबंधों का वर्णन कैसे करेंगे और इसे मजबूत करने के लिए क्या आवश्यक है?

रैटनर ने कहा, “हम अपने निजी क्षेत्रों, खासकर रक्षा प्रौद्योगिकियों को लेकर संबंधों को मजबूत करने के लिए विभाग में काम कर रहे हैं और ऐसा करने के लिए हमारे पास कुछ अहम योजनाएं हैं। एडमिरल एक्विलिनो भारतीयों के साथ कई अहम अभ्यास और अभियानों का नेतृत्व कर रहे हैं जो हमारे अभियान चलाने संबंधी समन्वय को बढ़ा रहे हैं।”

रक्षा विभाग के अधिकारी ने कहा, “हमारा रक्षा व्यापार अब 20 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का है और भारत ने हाल में 30 से अधिक एमक्यू9बी ‘प्रिडेटर ड्रोन खरीदने के अपने फैसले की घोषणा की है। यह हमारे देशों के बीच बढ़ते रक्षा संबंधों का हिस्सा है।”

अमेरिका हिंद-प्रशांत कमान के कमांडर नौसेना एडमिरल जॉन एक्विलिनो ने इस अवसर पर कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्रों के साथ अमेरिका के हित जुड़े हुए हैं, हालांकि ये हित हमेशा समान नहीं होते हैं।

उन्होंने कहा कि सेना से सेना के स्तर तक, दोनों देश अभियान और अभ्यास संचालित कर रहे हैं।

इसके बाद स्मिथ ने ब्रिक्स के बारे में पूछा, जिसमें ब्राजील, चीन, रूस और दक्षिण अफ्रीका के साथ भारत एक प्रमुख भागीदार है।

इसका जवाब देते हुए रैटनर ने कहा कि ‘ग्लोबल साउथ’ के तौर पर भारत बहुध्रुवीयता के सिद्धांत पर आधारित एक अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की महत्त्वाकांक्षा रखता है और यह उनकी विदेश नीति में भी परिलक्षित होता है।

भाषा नोमान वैभव

वैभव