भारतीय राजदूत ने भारत संबंधी अध्ययन में पेकिंग विश्वविद्यालय के विद्वानों के योगदान की सराहना की

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भारतीय राजदूत ने भारत संबंधी अध्ययन में पेकिंग विश्वविद्यालय के विद्वानों के योगदान की सराहना की

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  • Publish Date - September 20, 2026 / 07:41 PM IST,
    Updated On - September 20, 2026 / 07:41 PM IST

बीजिंग, 20 सितंबर (भाषा) चीन में भारत के राजदूत विक्रम दुरईस्वामी ने भारत और चीन के बीच अकादमिक आदान-प्रदान में पेकिंग विश्वविद्यालय के प्राच्य अध्ययन विभाग के विद्वानों के योगदान की सराहना की। भारतीय दूतावास ने रविवार को यह जानकारी दी।

दुरईस्वामी ने शनिवार को विश्वविद्यालय के प्राच्य अध्ययन विभाग की 80वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित समारोह में हिस्सा लिया।

चीन स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में बताया कि इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अध्यक्ष गाओ सोंग, उपाध्यक्ष फांग और विद्वानों एवं शिक्षकों ने भी भाग लिया।

दूतावास ने कहा कि राजदूत ने विश्वविद्यालय और उसके प्राच्य अध्ययन समुदाय को बधाई दी तथा पेकिंग विश्वविद्यालय में भारत संबंधी अध्ययन के लंबे इतिहास और भारतीय एवं चीनी विद्वानों के पीढ़ीगत योगदान को याद किया।

पेकिंग विश्वविद्यालय का दक्षिण एशियाई अध्ययन विभाग छह भाषाओं-संस्कृत, पाली, हिंदी, उर्दू, बांग्ला और तिब्बती में पाठ्यक्रम संचालित करता है।

भाषा संतोष पारुल

पारुल