दुबई, 14 जून (भाषा) मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ओमान के समुद्री क्षेत्र में एक पोत पर चिकित्सा संबंधी जटिलताओं के कारण मरने वाले भारतीय नागरिक के शव को जल्द से जल्द भारत भेजने की कोशिश कर रहा है। भारतीय दूतावास ने रविवार को यह जानकारी दी।
भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि दूतावास भारतीय नागरिक निशांत उर्थनाथन के परिवार के सदस्यों, पोत एमटी सेलेस्टियल के चालक दल के सदस्यों और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है।
हालांकि, दूतावास ने यह नहीं बताया कि स्वास्थ्य संबंधी किस जटिलता के कारण उनकी मौत हुई।
दूतावास ने रविवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘दूतावास निशांत उर्थनाथन के मामले में ओमान के स्थानीय अधिकारियों, बंदरगाह अधिकारियों और नौवहन कंपनी के साथ लगातार संपर्क में है। एमटी सेलेस्टियल पोत पर सवार उर्थनाथन की दुर्भाग्यवश चिकित्सा संबंधी कारणों से मृत्यु हो गई।’’
दूतावास ने कहा कि पोत के जल्द खाड़ी देश के दक्षिण-पूर्वी तट पर स्थित डुक्म बंदरगाह पर पहुंचने की उम्मीद है।
दूतावास ने कहा, ‘‘पोत से भारतीय नागरिक के शव को जल्द उतारने के लिए जरूरी इंतजाम कर लिए गए हैं।’’
भारतीय दूतावास ने कहा, ‘‘दूतावास भारतीय नागरिक के परिवार के सदस्यों के संपर्क में है और शव को जल्द से जल्द भारत भेजने के प्रयास किए जा रहे हैं।’’
भारतीय मिशन ने इससे पहले शनिवार को पुष्टि की थी कि उर्थनाथन की ‘‘स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं’’ के कारण मृत्यु हो गई है।
दूतावास ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि वह पोत प्रबंधन कंपनी के लगातार संपर्क में है।
भारतीय नाविकों के संगठन ‘फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ इंडिया’ के अनुसार, ‘‘गंभीर रूप से बीमार पड़ने के कारण’’ 11 जून को उर्थनाथन की मृत्यु हो गई। यूनियन ने भारत और ओमान के अधिकारियों से तुरंत कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
शनिवार को उन्होंने एक वीडियो क्लिप पोस्ट की थी जिसमें साफ तौर पर बीमार दिख रहे उर्थनाथन को चालक दल का एक साथी सदस्य भोजन देते हुए दिख रहा है।
वीडियो के बारे में स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी।
‘एमटी सेलेस्टियल’ वही पोत है जिसे पिछले महीने अमेरिकी मरीन ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका की नाकेबंदी के उल्लंघन के संदेह में तलाशी के लिए रोका था और बाद में चालक दल को अपना रास्ता बदलने का निर्देश देकर छोड़ दिया था।
‘यूएस सेंट्रल कमांड’ ने 20 मई को एक बयान में कहा था कि अमेरिकी मरीन ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन करने की संदिग्ध कोशिश को लेकर एमटी सेलेस्टियल को रोका था, लेकिन तलाशी अभियान के बाद उसे छोड़ दिया गया। पोत के चालक दल से अपना मार्ग बदलने को कहा गया था।
भाषा सुरभि देवेंद्र
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