ट्रंप पर फैसले से भारतीय मूल के न्यायाधीश अमित मेहता सुर्खियों में आए

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ट्रंप पर फैसले से भारतीय मूल के न्यायाधीश अमित मेहता सुर्खियों में आए

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  • Publish Date - April 3, 2026 / 01:59 PM IST,
    Updated On - April 3, 2026 / 01:59 PM IST

(सागर कुलकर्णी)

वाशिंगटन, तीन अप्रैल (भाषा) भारतीय-अमेरिकी न्यायाधीश अमित मेहता उस फैसले के बाद सुर्खियों में आ गए हैं जिसमें उन्होंने कहा है कि छह जनवरी, 2021 को कैपिटल (संसद भवन परिसर) में हुई हिंसा से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दिया गया भाषण राष्ट्रपति को प्राप्त छूट के दायरे में नहीं आता है।

कोलंबिया जिले के अमेरिकी जिला न्यायालय के संघीय न्यायाधीश मेहता ने अमेरिकी संसद परिसर पर छह जनवरी के हमले के लिए जिम्मेदार ठहराए जाने वाले तीन मुकदमों को खारिज करने के ट्रंप के प्रयास को 2022 में अस्वीकार कर दिया था।

पिछले वर्ष अगस्त में, मेहता ने एक और अहम फैसला सुनाया था कि गूगल ने ऑनलाइन खोज में अपना दबदबा बनाए रखने के लिए ‘एंटी-ट्रस्ट’ कानूनों का उल्लंघन किया है।

गुजरात के पाटन में 1971 में जन्मे मेहता को 2014 में तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा कोलंबिया जिले के लिए अमेरिकी जिला न्यायालय में न्यायाधीश के रूप में नामित किया गया था।

न्यायाधीश मेहता ने एक अप्रैल को फैसला सुनाया कि पुलिस अधिकारियों और डेमोक्रेट सांसदों द्वारा दायर मुकदमे में अब तक प्रस्तुत साक्ष्य से संकेत मिलता है कि छह जनवरी, 2021 को व्हाइट हाउस के दक्षिण में स्थित पार्क, ‘द एलिप्स’ में ट्रंप का भाषण राजनीतिक प्रकृति का था और राष्ट्रपति के आधिकारिक कृत्यों के लिए छूट के दायरे में नहीं आता।

न्यायाधीश मेहता ने यह भी कहा कि दो जनवरी 2021 को ट्रंप ने जॉर्जिया के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट ब्रैड रैफेंसपर्गर को फोन किया और उनसे 11,780 वोट ‘‘जुटाने’’ का अनुरोध किया था ताकि उन्हें (ट्रंप को) विजेता घोषित किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह ‘फोन कॉल’ राजनीतिक प्रकृति का था।

न्यायाधीश ने लिखा, ‘‘ये पद पाने के इच्छुक एक व्यक्ति के शब्द हैं, जो किसी राज्य अधिकारी से जॉर्जिया के चुनाव के परिणाम को बदलने की अपील कर रहा है, न कि किसी पद पर आसीन राष्ट्रपति के, जो अपने आधिकारिक कर्तव्यों के तहत कार्य कर रहा हो।’’

हालांकि न्यायाधीश ने यह माना कि भाषण और ट्रंप की कई अन्य गतिविधियां अनौपचारिक प्रतीत होती हैं, उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप के कुछ कदम-जैसे न्याय विभाग के अधिकारियों को दिए गए निर्देश और दंगे के दौरान तैयार किए गए सोशल मीडिया संदेश-इतने आधिकारिक स्वरूप के थे कि उन्हें किसी भी मुकदमे में ट्रंप के खिलाफ इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

न्यायाधीश ने लिखा, ‘‘अदालत का आज का यह फैसला किसी विशेष कृत्य के लिए छूट पर अंतिम निर्णय नहीं है।’’

मेहता ने कहा, ‘‘राष्ट्रपति ट्रंप को मुकदमे के दौरान आधिकारिक कृत्यों को लेकर प्राप्त छूट को अपने बचाव के रूप में फिर से प्रस्तुत करने की स्वतंत्रता है।’’

भाषा शोभना वैभव

वैभव