Contract Employees Latest News Today: इसी महीने से होगा संविदा कर्मचारियों को नियमितीकरण, 4 साल नौकरी कर चुके कर्मचारियों के खुला दरवाजा / Image: IBC24 Customized
धर्मशाला: Contract Employees Latest News Today संविदा कर्मचारी लंबे समय से अपने नियमितीकरण का इंतजार रहे हैं। नियमितीकरण की मांग को लेकर संविदा कर्मचारियों ने कई बार सरकार के पास अपनी मांग भी रखी है, लेकिन अभी तक किसी भी राज्य की सरकार की ओर से इस संबंध में ठोस फैसला नहीं लिया गया है। लेकिन इस बीच हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण के फैसले पर मुहर लगा दी है। सरकार की ओर से जारी निर्देश के अनुसार 31 मार्च 2026 तक 4 साल की सेवा पूरी कर चुके अनियमित कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा।
Contract Employees Latest News Today मिली जानकारी के अनुसार 31 मार्च 2026 तक 4 साल की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को 1 अप्रैल से नियमित माना जाएगा। वहीं, जिन कर्मचारियों के चार साल की सेवा 30 सितंबर 2026 तक पूरी होने वाली है, उन्हें भी 30 सितंबर 2026 के बाद नियमित किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि नियमितीकरण केवल उपलब्ध रिक्त पदों के खिलाफ ही किया जाएगा और इसके लिए किसी भी श्रेणी का नया पद सृजित नहीं किया जाएगा।
नियमितीकरण के बाद संबंधित डेली वेज या कंटीजेंट कर्मचारी का मूल पद समाप्त माना जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया संबंधित विभाग को आवंटित बजट की उपलब्धता के आधार पर ही पूरी की जाएगी और इसके लिए अतिरिक्त बजट की मांग नहीं की जाएगी। सरकार ने यह भी कहा है कि चार साल की सेवा पूरी करना पात्रता की शर्त है। नियमितीकरण का प्रभाव आदेश जारी होने की तिथि से ही माना जाएगा, यानी इसे पूर्व प्रभाव से लागू नहीं किया जाएगा।
नियमितीकरण के लिए यह भी जरूरी होगा कि संबंधित कर्मचारी के पास प्रारंभिक नियुक्ति के समय संबंधित पद के भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता हो। हालांकि जरूरत पड़ने पर सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से शैक्षणिक योग्यता में छूट भी दी जा सकती है। वहीं, ऐसे कर्मचारी जिन्होंने चार साल की अवधि में कुछ समय कम वेतनमान वाले पद पर और कुछ समय अधिक वेतनमान वाले पद पर काम किया है, उनकी दोनों सेवाओं को मिलाकर चार साल की सेवा पूरी मानी जा सकती है, लेकिन नियमितीकरण निचले पद पर ही किया जाएगा। उच्च पद पर नियमितीकरण के लिए उस पद पर पूरे चार साल की सेवा आवश्यक होगी।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि नियमितीकरण वरिष्ठता के आधार पर किया जाएगा और यदि इस प्रक्रिया में आरक्षित वर्ग या फीडर श्रेणी के रोस्टर प्वाइंट खाली रह जाते हैं, तो उन्हें भविष्य की भर्तियों में पहले भरा जाएगा। ऐसे कर्मचारी जो नियुक्ति के समय भर्ती नियमों में निर्धारित आयु सीमा के भीतर थे, उन्हें नियमितीकरण के लिए पात्र माना जाएगा, भले ही वर्तमान में उनकी आयु निर्धारित सीमा से अधिक हो चुकी हो। इसके अलावा जिन कर्मचारियों की नियुक्ति रोजगार कार्यालय के माध्यम से नहीं हुई थी, उन्हें भी नियमितीकरण के समय आवश्यक छूट दी जा सकती है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन पदों का दायरा हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के अंतर्गत आता है, उनके नियमितीकरण के लिए आयोग से पूर्व अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी।