ईरान ने इज़राइल और खाड़ी देशों पर दागीं मिसाइलें, क्षेत्रीय तनाव बढ़ा

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ईरान ने इज़राइल और खाड़ी देशों पर दागीं मिसाइलें, क्षेत्रीय तनाव बढ़ा

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  • Publish Date - April 3, 2026 / 01:18 PM IST,
    Updated On - April 3, 2026 / 01:18 PM IST

दुबई, तीन अप्रैल (एपी) ईरान ने शुक्रवार को इज़राइल और कुछ खाड़ी देशों पर मिसाइल हमले किए, जबकि तेहरान और इस्फहान के आसपास विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। इस बीच, अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी और मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है।

यह युद्ध 28 फरवरी को शुरू हुआ है। इज़राइल, बहरीन और कुवैत ने अपने ऊपर मिसाइल हमले होने की चेतावनी दी, हालांकि तत्काल यह स्पष्ट नहीं हो सका कि इन हमलों में कोई बड़ा नुकसान हुआ या नहीं। कार्यकर्ताओं ने तेहरान और इस्फहान के आसपास हमलों की सूचना दी है, लेकिन वहां हुए नुकसान का विवरण अभी सामने नहीं आया है।

कुवैत के मीना अल-अहमदी तेल रिफाइनरी पर ईरानी ड्रोन हमले में आग लग गई। कुवैत पेट्रोलियम कॉर्प ने बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद यह तीसरा हमला है और दमकलकर्मी आग पर काबू पाने में जुटे हैं। इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

ईरान द्वारा खाड़ी क्षेत्र के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाने और होर्मुज जलडमरूमध्य पर उसकी पकड़ के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी जलडमरूमध्य से दुनिया का तेल और गैस आपूर्ति के करीब पांचवें हिस्से का परिवहन होता है।

तनाव बढ़ने के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। अमेरिकी कच्चा तेल 11.4 प्रतिशत बढ़कर 111.54 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि ब्रेंट क्रूड 7.8 प्रतिशत उछलकर 109.03 डॉलर प्रति बैरल हो गया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी बल अगले दो-तीन सप्ताह ईरान पर “बहुत कड़ा” प्रहार जारी रखेंगे। अमेरिकी नौसेना के अनुसार, उसका सबसे बड़ा विमानवाहक पोत क्रोएशिया के स्प्लिट से रवाना हो चुका है और किसी भी मिशन के लिए तैयार है। इसके अलावा, यूएसएस अब्राहम लिंकन अरब सागर में तैनात है और यूएसएस जॉर्ज एच. डब्ल्यू. बुश भी पश्चिम एशिया की ओर बढ़ रहा है।

पूर्व सीआईए निदेशक बिल बर्न्स ने चेतावनी दी है इस क्षेत्र में किसी भी जमीनी कार्रवाई में गंभीर जोखिम शामिल हैं।

बर्न्स ने अमेरिका-इज़राइल के इस अभियान को “महत्वपूर्ण” बताते हुए कहा कि ईरानी शासन कमजोर जरूर हुआ है, लेकिन और अधिक कठोर और उग्र भी हो सकता है।

इस बीच, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता कम करने के लिए सहयोग पर सहमति जताई है।

युद्ध का असर अन्य देशों पर भी पड़ रहा है। बांग्लादेश ने ऊर्जा संकट से निपटने के लिए सरकारी खर्च में कटौती, कार्यालय समय में कमी और बाजारों को जल्दी बंद करने जैसे कदम उठाए हैं।

एपी मनीषा वैभव

वैभव