सिंगापुर में घरेलू सहायिका की मौत के मामले में भारतीय मूल की महिला को 30 वर्ष जेल की सजा

सिंगापुर में घरेलू सहायिका की मौत के मामले में भारतीय मूल की महिला को 30 वर्ष जेल की सजा

सिंगापुर में घरेलू सहायिका की मौत के मामले में भारतीय मूल की महिला को 30 वर्ष जेल की सजा
Modified Date: November 29, 2022 / 08:00 pm IST
Published Date: June 22, 2021 11:42 am IST

(गुरदीप सिंह)

सिंगापुर, 22 जून (भाषा) सिंगापुर में भारतीय मूल की एक महिला को अपनी घरेलू सहायिका को प्रताड़ित करने और इससे उसकी मौत होने के मामले में 30 वर्ष जेल की सजा सुनाई गई है। मंगलवार को एक खबर में यह जानकारी दी गई है।

‘चैनल न्यूज एशिया’ की खबर के अनुसार 41 वर्षीय महिला ने अपनी घरेलू सहायिका को 14 महीने की नौकरी के दौरान बार-बार प्रताड़ित किया। गैयाथिरी मुरुगयन को फरवरी में 28 आरोपों के लिए दोषी पाया गया था जिनमें गैर इरादतन हत्या, घरेलू सहायिका को भूखा रखना, किसी गर्म वस्तु से उसे नुकसान पहुंचाना और उसे कैद रखना शामिल हैं।

खबर के अनुसार सिंगापुर में घरेलू सहायिका के साथ दुर्व्यवहार के मामले में यह जेल की सबसे लंबी सजा है। म्यांमा की 24 वर्षीय नागरिक पियांग नगैह दोन की 26 जुलाई, 2016 की सुबह गैयाथिरी और उसकी मां द्वारा हमला किए जाने के बाद मौत हो गई थी। मई 2015 में काम करने के लिए सिंगापुर आई पियांग की गैयाथिरी बुरी तरह से पिटाई करती थी।

न्यायमूर्ति सी की ओन ने मंगलवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष ने एक ‘‘चौंकाने वाली कहानी’’ चित्रित की थी कि कैसे पीड़ित के साथ दुर्व्यवहार किया गया, उसे अपमानित किया गया, भूखा रख गया और अंततः आरोपी के हाथों उसकी मौत हो गई। न्यायमूर्ति ने कहा, ‘‘यह निश्चित रूप से गैर इरादतन हत्या के सबसे बुरे मामलों में से एक है।’’

चैनल की खबर के अनुसार गैयाथिरी का पति, निलंबित पुलिस अधिकारी केविन चेल्वम, पियांग पर हमला करने और पुलिस से झूठ बोलने के मामले से जुड़े पांच आरोपों का सामना कर रहा है। गैयाथिरी की मां प्रेमा नारायणसामी पर भी आरोप लंबित हैं।

भाषा

देवेंद्र मनीषा

मनीषा


लेखक के बारे में