बीजिंग/वाशिंगटन, 26 जनवरी (भाषा) भारतीयों ने सोमवार को दुनिया भर में 77वां गणतंत्र दिवस मनाया। इस अवसर पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों और भूटान के प्रधानमंत्री सहित वैश्विक नेताओं ने भारत के साथ अपनी मजबूत मित्रता को रेखांकित करते हुए शुभकामनाएं दीं।
रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधान पहने प्रवासी भारतीयों ने विभिन्न देशों में स्थित भारतीय मिशन में सोमवार को गणतंत्र दिवस मनाया। इस अवसर पर विभिन्न मिशन में राष्ट्रध्वज फहराया गया।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत को 77वें गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं और कहा कि “अमेरिका-भारत के बीच ऐतिहासिक संबंध हैं”।
ट्रंप ने एक संदेश में कहा, “अमेरिका की जनता की ओर से, मैं भारत सरकार और जनता को उनके 77वें गणतंत्र दिवस पर हार्दिक बधाई देता हूं। विश्व के सबसे पुराने और सबसे बड़े लोकतंत्र होने के नाते, अमेरिका और भारत एक ऐतिहासिक बंधन साझा करते हैं।”
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने ‘एक्स’ पर अपनी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तस्वीर पोस्ट करते हुए कहा, “2024 में हमने साथ मिलकर जो गणतंत्र दिवस मनाया, उसकी कितनी अद्भुत यादें हैं!”
उन्होंने कहा, “मेरे प्रिय मित्र नरेन्द्र मोदी, प्रिय भारतीय मित्रो, इस महान उत्सव के दिन पर मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। फरवरी में फिर मिलेंगे, साथ मिलकर आगे काम करते रहेंगे!”
चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 77वें गणतंत्र दिवस पर अपनी भारतीय समकक्ष द्रौपदी मुर्मू को बधाई देते हुए कहा कि भारत-चीन संबंध दोनों देशों और उनके लोगों के मूलभूत हितों के अनुरूप लगातार बेहतर एवं विकसित हो रहे हैं, तथा विश्व शांति और समृद्धि को बनाए रखने व बढ़ावा देने के लिए इनका बहुत महत्व है।
चिनफिंग ने इस बात पर जोर दिया कि चीन हमेशा से यह मानता आया है कि अच्छे पड़ोसी, मित्र और साझेदार बनकर एक-दूसरे की सफलता में मदद करना और “ड्रैगन तथा हाथी का एक साथ नृत्य” करना चीन और भारत दोनों के लिए सही विकल्प है।
भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं और कामना की कि “स्थायी मित्रता और भी मजबूत होती रहे”।
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “मैं भूटान के लोगों के साथ मिलकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी, भारत सरकार और भारत की जनता को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। यह शुभ अवसर भारत की प्रेरणादायक यात्रा का जश्न मनाता है और हमारे दोनों देशों के बीच घनिष्ठ संबंधों एवं साझा मूल्यों को दर्शाता है।”
बीजिंग में भारत के राजदूत प्रदीप कुमार रावत ने तिरंगा फहराया और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्र के नाम संबोधन के अंश पढ़े।
बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि ‘वंदे मातरम्’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे समारोह में गूंजते रहे और सभी ने गर्व एवं एकता की भावना के साथ राष्ट्रगीत गाया।
इस दौरान आयोजित एक प्रदर्शनी में ‘वंदे मातरम्’ का इतिहास दर्शाया गया और स्वतंत्रता के लिए भारत के संघर्ष के दौरान देश को एकजुट करने में इसकी प्रभावशाली भूमिका को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम में कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी शामिल रहीं।
शंघाई में भारत के महावाणिज्यदूत प्रतीक माथुर ने तिरंगा फहराया।
वाणिज्य दूतावास ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि धूमधाम से आयोजित इस समारोह में स्थानीय भारतीय प्रवासी समुदाय, चीनी समुदाय और राजनयिक एवं वाणिज्यदूत समुदाय सहित 400 से अधिक ‘फ्रेंड्स ऑफ इंडिया’ शामिल हुए जिनमें ‘‘हमारे यूरोपीय संघ के मित्रों और साझेदारों का प्रतिनिधित्व करने वाले 20 महावाणिज्यदूत’’ भी थे।
वाशिंगटन में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारत को एक विशेष संदेश दिया।
रूबियो ने रविवार को जारी संदेश में कहा, ‘‘मैं भारत के गणतंत्र दिवस पर अमेरिका के लोगों की ओर से भारतीयों को हार्दिक बधाई देता हूं।’’
उन्होंने ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और अमेरिका के समूह का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘अमेरिका और भारत के बीच एक ऐतिहासिक संबंध है। रक्षा, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों और उभरती प्रौद्योगिकियों पर हमारे निकट सहयोग से लेकर क्वाड के जरिए हमारी बहु-स्तरीय सहभागिता तक, अमेरिका-भारत संबंध हमारे दोनों देशों के लिए और हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए वास्तविक परिणाम दे रहे हैं।’’
रूबियो ने कहा कि वह ‘‘आने वाले वर्ष में हमारे साझा उद्देश्यों को आगे बढ़ाने’’ के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने को उत्सुक हैं।
सिंगापुर में भारतीय उच्चायुक्त डॉ. शिल्पक अंबुले ने दूतावास में भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ 77वां गणतंत्र दिवस मनाया।
डॉ. अंबुले ने राष्ट्रपति का भाषण पढ़ा और इस कार्यक्रम के लिए एकत्र हुए समुदाय के 1,200 से अधिक सदस्यों को बधाई दी।
भारतीय विद्यालयों के छात्रों ने पारंपरिक संगीत पर आधारित सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किए और समारोह के दौरान देशभक्ति के गीत बजाए गए। मेहमानों ने तालियों की गड़गड़ाहट से इन प्रस्तुतियों को सराहा।
सिंगापुर में अगले सप्ताह होने वाले ‘एयर शो’ के लिए यहां आए सारंग हेलीकॉप्टर दस्ते के सदस्यों ने दूतावास में आयोजित समारोह में भारतीय समुदाय के साथ भाग लिया।
जापान में नामित राजदूत नगमा एम. मलिक ने राष्ट्रध्वज फहराया।
दूतावास ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा कि तोक्यो स्थित भारतीय दूतावास ने भारत का 77वां गणतंत्र दिवस मनाया। समारोह की शुरुआत नामित राजदूत मलिक द्वारा राष्ट्रध्वज फहराने से हुई, इसके बाद राष्ट्रगान गाया गया और राष्ट्रपति का राष्ट्र के नाम संबोधन पढ़ा गया।
श्रीलंका में उच्चायुक्त संतोष झा ने कोलंबो स्थित इंडिया हाउस में राष्ट्रध्वज फहराया। इस मौके पर भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्य भी उनके साथ थे।
भारतीय उच्चायोग ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘तिरंगा हमेशा ऊंचा लहराता रहे!’’
झा ने ‘इंडियन पीस कीपिंग फोर्स’ (आईपीकेएफ) स्मारक पर भी श्रद्धांजलि अर्पित की और बहादुर भारतीय सैनिकों के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
पोस्ट में कहा गया कि 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर उच्चायुक्त और भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों ने आईपीकेएफ स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की और श्रीलंका की शांति एवं क्षेत्रीय अखंडता के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले बहादुर भारतीय सैनिकों को याद किया।
पोस्ट में कहा गया कि भारत के राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर कोलंबो के विद्यार्थियों ने कथक एवं भरतनाट्यम की मनमोहक प्रस्तुतियां पेश कीं और नृत्य के माध्यम से इसकी कालजयी विरासत का उत्सव मनाया।
इसके अलावा, श्रीलंका में विपक्ष के नेता और समागी जन बलवेगया (एसजेबी) के नेता साजिथ प्रेमदासा ने भी 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर भारत को शुभकामनाएं दीं।
प्रेमदासा ने लोकतंत्र के प्रति भारत की “स्थायी” प्रतिबद्धता की सराहना की।
उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ‘‘भारत के गणतंत्र दिवस पर मैं भारत के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। उथल-पुथल भरी दुनिया में लोकतंत्र के प्रति भारत की स्थायी प्रतिबद्धता याद दिलाती है कि संस्थाएं, लचीलापन और लोगों की इच्छा अब भी मायने रखती हैं। आपका गणराज्य और मजबूत होता रहे।’’
भाषा प्रशांत नेत्रपाल
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