भारत के लोगों की ऊर्जा सुरक्षा सबसे पहले: रूसी तेल से जुड़े शुल्क पर क्वात्रा

भारत के लोगों की ऊर्जा सुरक्षा सबसे पहले: रूसी तेल से जुड़े शुल्क पर क्वात्रा

भारत के लोगों की ऊर्जा सुरक्षा सबसे पहले: रूसी तेल से जुड़े शुल्क पर क्वात्रा
Modified Date: September 17, 2026 / 10:30 pm IST
Published Date: September 17, 2026 10:30 pm IST

(सागर कुलकर्णी)

वाशिंगटन, 17 सितंबर (भाषा) भारतीय राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले देशों पर भारी शुल्क लगाने संबंधी विधेयक अमेरिकी संसद में पारित होने के कुछ घंटे बाद बृहस्पतिवार को कहा कि भारत ‘‘लोगों की ऊर्जा सुरक्षा सबसे पहले’’ के सिद्धांत का पालन करता है।

यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी संसद ने ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ पारित किया। इस कानून से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस पर प्रतिबंध लगाने और भारत एवं चीन समेत तेल और गैस के क्षेत्र में रूस के व्यापारिक साझेदारों पर भारी शुल्क लगाने का अधिकार मिल जाएगा।

क्वात्रा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारत के लोगों की ऊर्जा सुरक्षा सबसे पहले है।’’

क्वात्रा ने कहा, ‘‘हमारे फैसले उपलब्धता, किफायती दाम, बाजार की स्थिति और वाणिज्यिक व्यवहार्यता पर आधारित होते हैं।’’

उन्होंने बताया कि भारत अपने कच्चे तेल का 85 प्रतिशत से ज़्यादा और प्राकृतिक गैस का लगभग आधा हिस्सा आयात करता है।

क्वात्रा ने कहा कि जब हालिया संघर्षों की वजह से वैश्विक आपूर्ति पर असर पड़ा, तो भारत ने अपने लोगों को ऊर्जा की कीमतों में अचानक आये उछाल से बचाने के लिए निर्णायक कदम उठाए।

क्वात्रा ने कहा, ‘‘इससे वैश्विक ऊर्जा संकट बाजार को स्थिर करने और एक बड़े संकट को रोकने में भी मदद मिली।’’

उन्होंने कहा कि भारत मध्य पूर्व, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, यूरेशिया और अमेरिका में कई तरह के साझेदारों से ऊर्जा की खरीद करता है।

भाषा सुभाष शफीक

शफीक


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