द हेग, नौ जुलाई (एपी) रासायनिक हथियारों पर नजर रखने वाली वैश्विक संस्था ने संगठन में सीरिया के मतदान का अधिकार बृहस्पतिवार को बहाल कर दिया।
संस्था ने यह फैसला संगठन के सीरिया के साथ ‘रचनात्मक सहयोग’ करने और पूर्व में छिपाकर रखे गए जहरीले हथियारों के भंडार को नष्ट करने की इच्छा दिखाने के बाद लिया गया।
रासायनिक हथियार निषेध संगठन (ओपीसीडब्ल्यू) की कार्यकारी परिषद का यह फैसला 2024 में पूर्व राष्ट्रपति बशर असद के सत्ता से हटने के बाद शुरू हुए सहयोग के नए दौर को दर्शाता है।
बार-बार जहरीली गैस के इस्तेमाल किये जाने की सजा के तौर पर सीरिया से मतदान का अधिकार छीन लिया गया था, जिसके पांच साल बाद यह प्रतिबंध हटा दिया गया।
ऐसा पहली बार हुआ था कि किसी सदस्य देश पर ऐसी कार्रवाई की गई थी। इस नए बदलाव के नतीजे भी सामने आने लगे हैं।
संस्था ने मई में बताया था कि असद शासन के समय के दर्जनों रासायनिक बम और रॉकेट देश में मिले हैं।
ऐसा तब संभव हो सका, जब हथियारों के ठिकानों को निरीक्षकों के लिए खोल दिया गया।
संस्था की कार्यकारी परिषद ने हाल ही में घोषित किए गए रासायनिक हथियारों के कुछ भंडार को नष्ट करने की योजना को भी मंजूरी दे दी।
यह भंडार राजधानी दमिश्क से 37 किलोमीटर उत्तर में स्थित अल-कुतैफा में है।
इसमें तंत्रिका तंत्र पर असर डालने वाले जहरीले रसायन बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी शामिल है।
एक दिन पहले ही अमेरिका के अधिकारियों ने सीरिया को आतंकवाद को समर्थन देने वाले देशों की सूची से हटाने की घोषणा की थी।
एपी जितेंद्र सुरेश
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