मेलबर्न। PM Modi Australia Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने तीन दिवसीय ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान गुरुवार को मेलबर्न में भारतीय समुदाय के एक भव्य कार्यक्रम को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में करीब 30 हजार भारतीय मूल के लोग शामिल हुए। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारत की सैन्य क्षमता, वैश्विक भूमिका और भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कहीं।
PM Modi Australia Visit: प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अभियान के तहत आतंकवादी ठिकानों पर किए गए प्रहार की गूंज पूरी दुनिया ने सुनी। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान डेमो तो देख ही लिया होगा। धमाके पड़ोसियों पर हो रहे थे और गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दे रही थी। आतंकी कैंपों पर इस कड़े प्रहार से हर भारतीय को गर्व हुआ होगा। प्रधानमंत्री ने भारतीय समुदाय की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय जहां भी जाते हैं, वहां अपनी संस्कृति, संस्कार और प्रेम का संदेश फैलाते हैं। उन्होंने कहा, “हम भारतीय ऐसे हैं जैसे दूध में चीनी मिलकर उसे और मीठा बना देती है। घर में दूध भले ऑस्ट्रेलिया का आता हो, लेकिन चाय भारत वाली ही बनती है।” उन्होंने भारतीय युवाओं में बढ़ते आध्यात्मिक रुझान का भी उल्लेख किया और कहा कि भारत के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया में भी सप्ताहांत धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों से जीवंत रहते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की मानवीय सहायता नीति का जिक्र करते हुए कहा कि भारत संकट की घड़ी में किसी देश के नागरिकों का पासपोर्ट नहीं देखता, बल्कि जरूरतमंदों की मदद करता है। उन्होंने वेनेजुएला में आए भूकंप के बाद चलाए गए ऑपरेशन अमिस्ताद तथा तुर्किये और सीरिया में भूकंप के दौरान भारत द्वारा भेजी गई राहत सहायता का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया आज भारत पर भरोसा करती है। भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि शिक्षा, कौशल और नवाचार के क्षेत्र में दोनों देशों के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि हजारों भारतीय छात्र ऑस्ट्रेलिया में अध्ययन कर रहे हैं, जबकि डीकिन और वोलोंगोंग जैसी ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों ने भारत में अपने परिसर शुरू कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल वैश्विक स्तर पर कुशल और नवाचारी प्रतिभाओं को तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने वर्ष 2014 के ऑस्ट्रेलिया दौरे को याद करते हुए कहा कि उस समय 28 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था। उन्होंने कहा कि तब उन्होंने वादा किया था कि अगली बार भारत के प्रधानमंत्री के आने के लिए 28 साल का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में यह उनकी ऑस्ट्रेलिया की तीसरी यात्रा है, जो दोनों देशों के मजबूत होते संबंधों का प्रतीक है।