ईरान बातचीत के लिए राजी: ट्रंप; देशव्यापी प्रदर्शनों में मृतकों की संख्या बढ़कर 599 हुई

ईरान बातचीत के लिए राजी: ट्रंप; देशव्यापी प्रदर्शनों में मृतकों की संख्या बढ़कर 599 हुई

ईरान बातचीत के लिए राजी: ट्रंप; देशव्यापी प्रदर्शनों में मृतकों की संख्या बढ़कर 599 हुई
Modified Date: January 12, 2026 / 11:49 pm IST
Published Date: January 12, 2026 11:49 pm IST

दुबई, 12 जनवरी (एपी) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसक कार्रवाई को लेकर ईरान पर हमले की उनकी चेतावनी के बाद तेहरान वाशिंगटन के साथ बातचीत करना चाहता है।

ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय में सामने आई है, जब अधिकार कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कहा कि ईरान में महंगाई और मुद्रा अवमूल्यन को लेकर देशव्यापी प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 599 हो गई है।

हालांकि, ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति की टिप्पणी पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं व्यक्त की है। उनकी यह टिप्पणी ओमान के विदेश मंत्री की सप्ताहांत में हुई ईरान यात्रा के बाद आई है, जो लंबे समय से वाशिंगटन और तेहरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका में रहे हैं।

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यह भी स्पष्ट नहीं है कि ईरान क्या पेशकश कर सकता है, खासकर तब जब ट्रंप ने उसके परमाणु कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइल बेड़े को लेकर कड़ी शर्तें रखी हैं, जिसे तेहरान अपनी राष्ट्रीय रक्षा के लिए महत्वपूर्ण मानता है।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तेहरान में विदेशी राजनयिकों से बातचीत के दौरान कहा, “स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है।” उन्होंने हिंसा के लिए इजराइल और अमेरिका को दोषी ठहराया।

हालांकि, अराघची ने अपने आरोप के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया। उन्होंने कहा, “विरोध-प्रदर्शन के दौरान हिंसा और खूनखराबा इसलिए हुआ, ताकि अमेरिकी राष्ट्रपति को हस्तक्षेप करने का बहाना मिल सके।”

कतर के वित्त पोषण वाले अल जजीरा सैटेलाइट न्यूज नेटवर्क ने अराघची का बयान प्रसारित किया। अल जजीरा को ईरान में इंटरनेट सेवाएं बंद होने के बावजूद देश के भीतर से रिपोर्टिंग करने की अनुमति दी गई है।

हालांकि, अराघची ने यह भी कहा कि ईरान “कूटनीति का स्वागत करता है।”

वहीं, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत का रास्ता खुला है, लेकिन बातचीत “आपसी हितों और चिंताओं की स्वीकार्यता पर आधारित होनी चाहिए, न कि एकतरफा, एकपक्षीय और तानाशाही आधारित।”

इस बीच, ईरान में सोमवार को सरकार के आह्वान पर लाखों प्रदर्शनकारी धर्मतंत्र के समर्थन में प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतरे। इसे 86 वर्षीय सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई के शासन को सीधे तौर पर चुनौती देने वाले विरोध-प्रदर्शनों के खिलाफ शक्ति-प्रदर्शन के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

ईरान के सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित दृश्यों में प्रदर्शनकारी ‘अमेरिका मुर्दाबाद’, ‘इजराइल मुर्दाबाद’ और ‘अल्लाह के दुश्मनों का अंत हो’ जैसे नारे लगाते दिखे।

इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस की आंतरिक चर्चाओं से परिचित दो लोगों ने बताया था कि राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ईरान के खिलाफ संभावित कदम पर विचार कर रही है, जिनमें साइबर हमले और अमेरिका या इजराइल द्वारा सीधे सैन्य हमले शामिल हैं। इन लोगों ने सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करने की अनुमति न होने के कारण नाम गोपनीय रखने की शर्त पर यह जानकारी दी।

ट्रंप ने रविवार रात अपने एयरफोर्स वन विमान पर संवाददाताओं से कहा, “सेना इस पर विचार कर रही है और हम बहुत सख्त विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं।”

जवाबी कार्रवाई की ईरान की धमकियों के बारे में पूछे जाने पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “अगर उन्होंने ऐसा किया, तो हम उन्हें ऐसा करारा जवाब देंगे, जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी।”

ट्रंप ने कहा कि उनका प्रशासन तेहरान के साथ बैठक के लिए बातचीत कर रहा है, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान में मरने वालों की संख्या बढ़ने और सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी जारी रहने के कारण उन्हें (ट्रंप को) पहले कार्रवाई करनी पड़ सकती है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “मुझे लगता है कि वे अमेरिका से मार खा-खाकर थक चुके हैं। ईरान बातचीत करना चाहता है।”

उन्होंने कहा, “बैठक की व्यवस्था की जा रही है, लेकिन इससे पहले जो कुछ हो रहा है, उसे देखते हुए हमें कार्रवाई करनी पड़ सकती है। लेकिन बैठक की व्यवस्था की जा रही है। ईरान ने फोन किया है, वे बातचीत करना चाहते हैं।”

अमेरिका स्थित ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी’ ने कहा कि ईरान में महंगाई और मुद्रा अवमूल्यन को लेकर देशव्यापी प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 599 हो गई है। एजेंसी के अनुसार, मारे गए लोगों में 510 प्रदर्शनकारी और सुरक्षाबलों के 89 सदस्य शामिल हैं।

‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी’ ने कहा कि दो हफ्ते से जारी प्रदर्शनों के दौरान 10,600 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।

यह एजेंसी हाल के वर्षों में हुई हिंसक घटनाओं के दौरान सटीक जानकारी देने के लिए जानी जाती रही है और ईरान में मौजूद अपने समर्थकों के जरिये सूचनाओं का सत्यापन करती है।

ईरान में इंटरनेट सेवाएं ठप होने और फोन लाइन काटे जाने के कारण विदेश से इन प्रदर्शनों की स्थिति का आकलन करना और अधिक कठिन हो गया है। ‘एसोसिएटेड प्रेस’ स्वतंत्र रूप से मृतकों की संख्या की पुष्टि नहीं कर सका है। ईरानी सरकार ने अब तक कुल हताहतों के आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं किए हैं।

माना जा रहा है कि सूचना पर रोक से ईरान की सुरक्षा सेवाओं के कट्टरपंथी तत्वों को और अधिक हिंसक कार्रवाई करने का हौसला मिल रहा है। शनिवार रात से रविवार सुबह तक राजधानी तेहरान और देश के दूसरे सबसे बड़े शहर में प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर विरोध किया। ऑनलाइन वीडियो में रविवार रात से सोमवार तक प्रदर्शन जारी रहने के दृश्य दिखाई दिए। तेहरान के एक अधिकारी ने सरकारी मीडिया में इसकी पुष्टि की।

सोमवार दोपहर दो बजे ईरान के सरकारी टीवी चैनल ने तेहरान के एन्घेलाब चौक (जिसे इस्लामी क्रांति चौक भी कहा जाता है) की ओर उमड़ रहे प्रदर्शनकारियों की तस्वीरें प्रसारित कीं।

चैनल पर सुबह से ही ईरान के मंत्रियों, सुरक्षा अधिकारियों और धार्मिक नेताओं के रैली में शामिल होने की खबर दिखाई जा रही थी। खबर में रैली को “अमेरिकी-इजराइली आतंकवाद के खिलाफ ईरानी विद्रोह” करार दिया गया था।

इस बीच, तेहरान में लोगों ने समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की चेतावनी वाले संदेश भेजे हैं, जिसके बाद शाम को सड़कें खाली नजर आईं।

इन लोगों के मुताबिक, पुलिस की ओर से भेजे गए संदेश में कहा गया है, “कल रात कुछ सभाओं में आतंकवादी समूहों और सशस्त्र व्यक्तियों की मौजूदगी और उनके द्वारा बड़े पैमाने पर हत्या की साजिश रचने तथा दंगाइयों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने के सरकार के फैसले को देखते हुए, परिवारों को अपने युवाओं और किशोरों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है।”

(एपी) पारुल दिलीप

अविनाश

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