ईरान ने भारत समेत पांच देशों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी

Ads

ईरान ने भारत समेत पांच देशों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी

  •  
  • Publish Date - March 26, 2026 / 01:59 PM IST,
    Updated On - March 26, 2026 / 01:59 PM IST

तेहरान/नयी दिल्ली, 26 मार्च (भाषा) ईरान ने भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान एवं इराक जैसे ‘‘मित्र देशों’’ को वाणिज्यिक नौवहन के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य का इस्तेमाल करने की अनुमति दी है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने यह जानकारी दी।

ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को अवरुद्ध कर दिए जाने के बाद से वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की कीमतों में उछाल आया है। होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच एक संकरा नौवहन मार्ग है जिससे दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और एलएनजी (द्रवीकृत प्राकृतिक गैस) का परिवहन होता है।

पश्चिम एशिया, भारत की ऊर्जा खरीद का एक प्रमुख स्रोत रहा है।

ईरानी सरकारी टेलीविजन के अनुसार, अराघची ने कहा, ‘‘हमने कुछ ऐसे देशों को (होर्मुज जलडमरूमध्य से) गुजरने की अनुमति दी है जिन्हें हम मित्र मानते हैं। हमने चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान को आवागमन की अनुमति दी है।’’

ईरानी विदेश मंत्री ने साथ ही स्पष्ट किया कि ईरान के शत्रुओं से जुड़े पोतों को इस जलमार्ग से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

उन्होंने कहा, ‘‘हम युद्ध की स्थिति में हैं। यह क्षेत्र युद्ध क्षेत्र बना हुआ है और हमारे दुश्मनों एवं उनके सहयोगियों के पोतों को इससे गुजरने देने का कोई कारण नहीं है लेकिन यह अन्य देशों के लिए खुला है।’’

होर्मुज जलडमरूमध्य से वाणिज्यिक नौवहन में व्यवधान को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंताएं बढ़ी हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि वह जलमार्ग को पूरी तरह से नहीं खोलता है तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

पिछले कुछ सप्ताह में भारत ने पश्चिम एशिया में संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त कराने और होर्मुज जलडमरूमध्य से ऊर्जा आपूर्ति का निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने पर केंद्रित कूटनीतिक प्रयास किए हैं।

भारत का मानना है कि यदि इस नौवहन मार्ग पर अवरोध जारी रहा तो भारत सहित कई देशों की ईंधन और उर्वरक सुरक्षा पर इसके गंभीर प्रभाव पड़ सकते हैं।

भाषा सिम्मी शोभना

शोभना