Iran Israel War Update: क्या कुछ बहुत बड़े की तैयारी में ट्रंप? अचानक इस जगह तैनात किए हजारों सैनिक, ईरान भी कर रहा ये काम

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Iran Israel War Update: मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ता जा रहा है क्योंकि ईरान ने संभावित अमेरिकी जमीनी अभियान के मद्देनजर खारग द्वीप पर अपने सैनिकों, हवाई सुरक्षा प्रणालियों और बारूदी सुरंगों की तैनाती बढ़ा दी है।

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  • Publish Date - March 26, 2026 / 01:52 PM IST,
    Updated On - March 26, 2026 / 01:58 PM IST

america vs Iran/ image source: ibc24 file

HIGHLIGHTS
  • ईरान ने खारग द्वीप पर सुरक्षा बढ़ाई
  • मानव-रोधी पैडल और बारूदी सुरंग तैनात
  • अमेरिका मिडिल ईस्ट में 2500 सैनिक तैनात

Iran Israel War Update: मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ता जा रहा है क्योंकि ईरान ने संभावित अमेरिकी जमीनी अभियान के मद्देनजर खारग द्वीप पर अपने सैनिकों, हवाई सुरक्षा प्रणालियों और बारूदी सुरंगों की तैनाती बढ़ा दी है। इस तैनाती के कारण अमेरिकी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस तरह की सुरक्षा व्यवस्था में अमेरिकी जमीनी सेना को भारी जानमाल का नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसमें एयरबोर्न डिवीजन की कॉम्बैट ब्रिगेड शामिल होगी, जो किसी भी कठिन जमीनी संघर्ष में सक्रिय भूमिका निभा सके। इसके अलावा, इस ऑपरेशन में लॉजिस्टिक सपोर्ट यूनिट भी शामिल होंगी, जो सैनिकों की आपूर्ति और तकनीकी मदद सुनिश्चित करेंगी।

ईरान ने खारग द्वीप पर सुरक्षा बढ़ाई

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच, ईरान ने खारग द्वीप पर अपने सैनिकों, हवाई सुरक्षा प्रणालियों और बारूदी सुरंगों की तैनाती में वृद्धि कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम संभावित अमेरिकी जमीनी अभियान के मद्देनजर उठाया गया है। द्वीप पर हाल ही में मानव-रोधी पैडल (एमएनपैड) और बख्तरबंद वाहनों के लिए खतरनाक बारूदी सुरंगें तैनात की गई हैं, जिससे किसी भी अनधिकृत प्रवेश या सैन्य कार्रवाई पर भारी नुकसान हो सकता है।

Iran-America War News: अमेरिका मिडिल ईस्ट में 2500 सैनिक तैनात

इस तैनाती के कारण अमेरिकी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस तरह की सुरक्षा व्यवस्था में अमेरिकी जमीनी सेना को भारी जानमाल का नुकसान उठाना पड़ सकता है। अमेरिकी रक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी कि अमेरिका इस स्थिति में मिडिल ईस्ट में 2,500 सैनिक तैनात करेगा। यह बल विशेष रूप से जमीनी अभियान के लिए तैयार किया जा रहा है। इसमें एयरबोर्न डिवीजन की कॉम्बैट ब्रिगेड शामिल होगी, जो किसी भी कठिन जमीनी संघर्ष में सक्रिय भूमिका निभा सके। इसके अलावा, इस ऑपरेशन में लॉजिस्टिक सपोर्ट यूनिट भी शामिल होंगी, जो सैनिकों की आपूर्ति और तकनीकी मदद सुनिश्चित करेंगी। अधिकारी ने यह भी बताया कि यह कदम पूरी तरह से क्षेत्रीय तनाव को कम करने और अमेरिकी सुरक्षा हितों की रक्षा के लिए रणनीतिक है।

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