Reported By: Naresh Mishra
,Bastar Naxal Free News || Image- IBC24 News File
रायपुर: छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सलवाद अपने अंतिम चरण में पहुंचता नजर आ रहा है। सरकार का दावा है कि 31 मार्च 2026 तक सशस्त्र नक्सली कैडर का पूरी तरह खात्मा कर दिया जाएगा। (Bastar Naxal Free News) कभी यहां 500 से ज्यादा नक्सली सक्रिय थे, लेकिन अब इनकी संख्या घटकर करीब 40 रह गई है। इनमें भी बड़े कमांडर बहुत कम बचे हैं, जबकि बटालियन नंबर-1 का कमांडर सोढ़ी केसा और नॉर्थ डिविजन की सदस्य रूपी अब भी सक्रिय बताए जा रहे हैं।
ये दोनों नक्सली अपने करीब 40 साथियों के साथ उत्तर और दक्षिण बस्तर के अलग-अलग इलाकों में सक्रिय हैं। पहली बार इनकी तस्वीरें सामने आई हैं। माना जा रहा है कि ये बचे हुए नक्सली सरकार की तय समय सीमा को चुनौती देने की कोशिश कर सकते हैं। खासकर रूपी के बारे में कहा जा रहा है कि वह अपने पति की मौत का बदला लेने के इरादे से सक्रिय है।
31 मार्च 2026 को नक्सलवाद खत्म करने की डेडलाइन तय की गई है, लेकिन अभी भी कुछ नक्सली पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। अधिकारियों का कहना है कि ये नक्सली आत्मसमर्पण करना चाहते हैं, (Bastar Naxal Free News) इसलिए फिलहाल बड़े ऑपरेशन नहीं चलाए जा रहे हैं। हालांकि, आने वाले 6 दिन बेहद अहम माने जा रहे हैं।
बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी. ने इन नक्सलियों को आखिरी चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा है कि अगर तय समय सीमा तक आत्मसमर्पण नहीं किया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, प्रदेश के गृहमंत्री Vijay Sharma ने भरोसा जताया है कि सभी नक्सली जल्द ही पुनर्वास का रास्ता चुनेंगे।
इस बीच, पापा राव के आत्मसमर्पण के बाद दक्षिण-पश्चिम बस्तर में नक्सलियों का शीर्ष नेतृत्व लगभग खत्म हो चुका है। मोहला-मानपुर क्षेत्र में सक्रिय आखिरी पांच नक्सलियों ने भी सरेंडर कर दिया है। (Bastar Naxal Free News) अब पुलिस बाकी बचे नक्सलियों से भी आत्मसमर्पण की अपील कर रही है। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि ये 40 नक्सली सरेंडर करते हैं या फिर कार्रवाई का सामना करते हैं।
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