जयशंकर ने विश्वयुद्ध में बलिदान देने वाले भारतीय सैनिकों की याद में पट्टिका का अनावरण किया

जयशंकर ने विश्वयुद्ध में बलिदान देने वाले भारतीय सैनिकों की याद में पट्टिका का अनावरण किया

जयशंकर ने विश्वयुद्ध में बलिदान देने वाले भारतीय सैनिकों की याद में पट्टिका का अनावरण किया
Modified Date: November 29, 2022 / 08:20 pm IST
Published Date: October 20, 2021 7:08 pm IST

(हरिन्दर मिश्रा)

रा-अनाना (इजराइल), 20 अक्टूबर (भाषा) विदेश मंत्री एस जयशंकर ने प्रथम विश्व युद्ध के दौरान तबसोर की लड़ाई में अपने प्राणों का बलिदान देने वाले भारतीय सैनिकों की याद में बुधवार को उत्तरी इजराइल के रा-अनाना में एक पट्टिका का अनावरण किया।

जयशंकर ने ट्वीट किया, ‘सितंबर 1918 में मेगिद्दो हमले में तबसोर की लड़ाई में भाग लेने वाले भारतीय सैनिकों की याद में स्मारक पट्टिका का अनावरण किया।’ उन्होंने कहा, ‘यह वृहद ‘इंडिया ट्रेल’ का हिस्सा है जो इस क्षेत्र के इतिहास को आकार देने में हमारे सैनिकों की भूमिका को पहचान देगा।’’

उन्होंने क्षेत्र में सर्वोच्च बलिदान देने वाले भारतीय सैनिकों की वीरता को नमन करते हुए कहा कि वह ‘ प्रथम विश्व युद्ध के दौरान तबसोर की प्रसिद्ध लड़ाई के स्थल रा-अनाना का दौरा कर सम्मानित महसूस कर रहे हैं।’

तबसोर की लड़ाई 19-20 सितंबर, 1918 को हुयी थी और उसके साथ ही प्रसिद्ध मेगिद्दो हमले की शुरुआत हुयी थी। इस लड़ाई में भाग लेने वाले सैनिकों में से अधिकतर भारतीय सैनिक थे जिनमें पंजाबी, सिख, गोरखा और अविभाजित भारत के विभिन्न हिस्सों के सैनिक शामिल थे।

भारत की आजादी के 75वें वर्ष तथा इजराइल और भारत के बीच राजनयिक संबंधों के 30 साल पूरा होने के मौके पर जयशंकर ने स्थानीय मेयर चैम ब्रोयड के साथ पट्टिका का अनावरण किया ।

इस मौके पर जयशंकर ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं और खुद से सवाल करते हैं कि हम अपने संबंधों को आगे ले जाने के लिए ताकत के स्रोत के रूप में समय से क्या सीख ले सकते हैं, तो मुझे लगता है कि हमारे इतिहास के अन्य हिस्सों पर भी गौर करना महत्वपूर्ण है और उनमें से एक कम चर्चित हिस्सा वह है जो हम आज मना रहे हैं।’

उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय सैनिकों की उपस्थिति और उनका बलिदान कोई कहानी नहीं है… जैसे-जैसे हमारे संबंध प्रगाढ़ होते हैं, यह महसूस करना महत्वपूर्ण है कि अतीत में हमने एक दूसरे के लिए कितना कुछ किया है।’’

भाषा

अविनाश नरेश

नरेश


लेखक के बारे में