ओटावा, 23 जून (भाषा) कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने 41 साल पहले एअर इंडिया के ‘कनिष्क’ विमान में हुए बम विस्फोट को “कनाडा के इतिहास में हुआ सबसे भीषण हमला” बताते हुए मंगलवार को कहा कि उनका देश हर तरह के हिंसक चरमपंथ के खिलाफ खड़ा है।
मॉन्ट्रियल से नयी दिल्ली जा रहे एअर इंडिया के ‘कनिष्क’ विमान में 23 जून 1985 को लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे पर उतरने से 45 मिनट पहले हवा में विस्फोट हो गया था। इस हमले में विमान में सवार सभी 329 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें से अधिकांश भारतीय मूल के कनाडाई नागरिक थे।
बम विस्फोट का आरोप सिख चरमपंथियों पर लगा था, जिन्होंने 1984 में स्वर्ण मंदिर से आतंकवादियों को बाहर निकालने के लिए चलाए गए ‘ऑपरेशन ब्लूस्टार’ के प्रतिशोध में इस घटना को अंजाम दिया था।
कनाडाई प्रधानमंत्री ने एक बयान में कहा, “आज से 41 साल पहले एअर इंडिया की उड़ान संख्या 182 में हुए बम विस्फोट में 268 कनाडाई नागरिकों सहित 329 मासूमों की जान चली गई थी। यह आज भी कनाडा के इतिहास में हुआ सबसे भीषण आतंकवादी हमला है।”
उन्होंने कहा, “आतंकवाद के पीड़ितों के स्मरण दिवस पर हम उड़ान संख्या 182 के पीड़ितों और आतंकवाद व हिंसक उग्रवाद के कृत्यों में अपनी जान गंवाने वाले सभी लोगों को श्रद्धांजलि देते हैं। हम उन जीवित बचे लोगों, परिवारों और समुदायों के साथ खड़े हैं, जो आज भी इस दुख को झेल रहे हैं।”
कनाडा में आतंकवाद के पीड़ितों के लिए राष्ट्रीय स्मरण दिवस पहली बार 23 जून 2005 को मनाया गया था।
भाषा सुमित पारुल
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