CG Congress Training Camp Politics/Image Credit: IBC24.in
CG Congress Training Camp Politics: रायपुर: 20 जून से शुरू ट्रेनिंग के चौथे दिन, मंगलवार को कांग्रेस जिलाध्यक्षों को फील्ड विजिट करना है। सभी जिलाध्यक्षों को अभनपुर, कुरुद क्षेत्र में 8 पंचायतों का दौरा कर, रात वहीं रुकनेे और चौपाल लगाकर ग्रामीणों से चर्चा कर सरकार का फीडबैक लेने का निर्देश है। ग्रामीणों की समस्याएं सुनने कांग्रेस के भीतर इस कवायद को बीजेपी अपने अभियान की नकल बता रहा है।
दूसरी तरफ छग बीजेपी ने एक्स पर कार्टून पोस्टर के जरिए तंज कसा- कि ट्रेनिंग के दौरान पूर्व CM भूपेश बघेल महादेव सट्टा एप पर पैसा लगाने की ट्रेनिंग देंगे। बीजेपी नेताओं ने कहा कि, जब कांग्रेस के पास सत्ता थी, मौका था तब उन्हें किसी की याद ना आई, बस एक परिवार में लगे रहे, अब जब सत्ता से बाहर हैं तो सब की याद आ रही है। (CG Congress Training Camp Politics) एक और पोस्ट में बीजेपी ने कांग्रेसी नेताओं की अंदरूणीय लड़ाई पर कटाक्ष किया, लिखा कि दीपक बैज बताएं-किसके इशारे पर राहुल गांधी की उपस्थिति में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के नाम की सूचि से टीएस बाबा का नाम गायब किया गया? आरोपों को खारिज कर छग कांग्रेस के सीनियर नेताओं ने कहा देश के सबसे पुराने दल में ट्रेनिंग, लोगों के बीच श्रमदान और रात्रि विश्राम की पुरानी परंपरा है. जिससे बीजेपी बौखलाई हुई है।
एक तरफ जिलाध्यक्षों की ट्रेनिंग है तो दूसरी ओर कांग्रेस छात्रों और शिक्षकों को पार्टी से जोड़ने, पूरे देश में “छात्रों की गूंज” मुहिम शुरू कर रही है, जिसके पहले चरण के लिए बिलासपुर समेत देश के 28 शहरों में एक साथ अभियान चलेगा। इसे लेकर 2 दिन पहले दिल्ली में प्रियंका गांधी की मौजूदगी में युवा कांग्रेस, NSUI के राष्ट्रीय पदाधिकारी और प्रदेश अध्यक्षों की ट्रेनिंग भी हो चुकी है। अभियान के तहत कॉम्पटीशन एग्जाम पेपर लीक,शिक्षक- प्रोफेसर्स के खाली पद,पैसा लेकर नियुक्तियों जैसे मुद्दे उठाए जाएंगे। कांग्रेस का दावा है कि इस वक्त राहुल गांधी और कांग्रेस छात्रों-शिक्षकों की आवाज बने हैं। (CG Congress Training Camp Politics) जिस पर बीजेपी ने तंज कसा कि कांग्रेस छात्रों को वक्त से पहले राजनीति में लाकर उन्हें बेरोजगार बना रही है।
ये तय है कि कांग्रेस 2028 के विधानसभा चुनावों के लिए खुद को तैयार कर रही है। आलाकमान युवा ब्रिगेड को ट्रेंड कर, सरकार का फीडबैक लेने और सरकार के खिलाफ माहौल बनाने अभियान चला रहे हैं, लेकिन क्या कांग्रेस अपनी सबसे बड़ी दिक्कत शीर्ष नेताओं के बीच की आपसी खींचतान से उबरकर सत्ता पक्ष के सामने पूरी ताकत लगा पाएगी? (CG Congress Training Camp Politics) सवाल सत्तापक्ष के लिए भी क्या कांग्रेस की जमीनी तैयारी से उसके लिए चुनौती बढ़ने वाली है?
इन्हे भी पढ़ें:-