संयुक्त राष्ट्र, 11 अगस्त (एपी) ‘ह्यूमन राइट्स वॉच’ और तीन अन्य मानवाधिकार समूहों ने अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) के खिलाफ उठाए जा रहे कदमों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के खिलाफ मंगलवार को मुकदमा दायर किया।
शिकायतकर्ता समूहों ने दलील दी कि आईसीसी के न्यायाधीशों और अभियोजकों पर लगाए गए प्रतिबंधों से मानवता के सबसे गंभीर अपराधों के लिए जिम्मेदार लोगों पर मुकदमा चलाने की उसकी क्षमता को कमजोर पड़ रही है।
‘सदर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ न्यूयॉर्क’ में दायर शिकायत में कहा गया है कि ट्रंप की ओर से पिछले साल हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय को निशाना बनाकर जारी किया गया कार्यकारी आदेश और संयुक्त राष्ट्र के एक मानवाधिकार विशेषज्ञ तथा तीन फलस्तीनी अधिकार समूहों के खिलाफ लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंध “अंतरराष्ट्रीय न्याय पर खुलेआम अवैध हमला हैं और इन्हें रद्द किया जाना चाहिए।”
वादी पक्ष का प्रतिनिधित्व करने वाले ‘फोली होग एलएलपी’ के वकील एंड्रयू लोवेनस्टीन ने कहा, “मानवाधिकार और मानवीय सहायता के लिए काम करने वाले कई प्रमुख संगठनों का ट्रंप के गैरकानूनी कार्यकारी आदेश को चुनौती देने के लिए एक साथ आना, यह दिखाता है कि संबंधित आदेश उन नागरिक समाज समूहों को कितना नुकसान पहुंचा रहा है, जो गंभीर अपराधों के दोषियों को सजा दिलाने के लिए काम करते हैं।”
वादी पक्ष का कहना है कि आईसीसी पर लगाए गए आर्थिक और कानूनी दंडों ने उन्हें “मानवाधिकार और कानूनी कामकाज के एक बड़े हिस्से को कम करने” के लिए मजबूर किया है, जो अमेरिकी संविधान के तहत उनके प्रथम और पांचवें संशोधन अधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता बहाली अधिनियम का उल्लंघन है।
एपी पारुल गोला
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