चित होकर लेटना ‘सदर्न राइट व्हेल’ की किसी बीमारी का संकेत नहीं, वे बस आराम कर रही होती हैं

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चित होकर लेटना ‘सदर्न राइट व्हेल’ की किसी बीमारी का संकेत नहीं, वे बस आराम कर रही होती हैं

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  • Publish Date - July 6, 2026 / 04:24 PM IST,
    Updated On - July 6, 2026 / 04:24 PM IST

(कट स्प्रोगिस और रेनी वैन नूर्ट, वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया यूनिवर्सिटी; फ्रेडरिक क्रश्चियनसेन, आरहूस यूनिवर्सिटी )

सिडनी, छह जुलाई (द कन्वरसेशन) अगर आप साल के इस समय ऑस्ट्रेलिया के किसी भी दक्षिणी तट पर खड़े हों, तो हो सकता है कि आपको छिछले पानी में तैरती हुई ‘सदर्न राइट व्हेल’ (यूबेलेना ऑस्ट्रैलिस) देखने को मिल जाए।

समुद्र के ये विशालकाय जीव प्रजनन करने, बच्चे को जन्म देने और आराम करने के लिए दक्षिणी महासागर और अंटार्कटिका से यहां आते हैं। अगर आप सच में खुश किस्मत हों, तो हो सकता है कि आप उनमें से किसी एक को चित (उल्टा) होकर आराम करते हुए भी देख लें।

पहली नज़र में, यह हैरान कर देने वाला व्यवहार—जो अन्य बड़ी व्हेल मछलियों में नहीं देखा गया है—आपको यह सोचने पर मजबूर कर सकता है कि यह जीव बीमार या घायल है। लेकिन ‘मैमेलियन बायोलॉजी’ पत्रिका में प्रकाशित हमारा नया शोध पत्र इसके बिल्कुल विपरीत संकेत देता है।

वास्तव में , यह एक स्वस्थ मां का संकेत हो सकता है, जो अपनी जिदगी के सबसे ज्यादा ऊर्जा की मांग वाले दौर में अपनी ऊर्जा के भंडार को सावधानी से संभाल रही है।

संतुलित करने की कोशिश

सदर्न राइट व्हेल छह हजार किलोमीटर से भी ज़्यादा लंबी दूरी तय करती हैं। यह दूरी पर्थ से सिडनी और वापस आने की दूरी के बराबर है।

अगर यह दूरी आपको मुश्किल भरी नहीं लगती, तो जान लें कि ऑस्ट्रेलिया में बच्चे को जन्म देने वाली जगहों पर ‘सदर्न राइट व्हेल’ कुछ भी खाती-पीती नहीं हैं। इन व्हेल को ‘कैपिटल ब्रीडर’ कहा जाता है; इसका मतलब है कि वे साल के आधे समय तक अपनी भोजन वाली जगहों पर जमकर खाती-पीती हैं और फिर बच्चे को जन्म देने वाली जगहों पर चली जाती हैं, जहां वे अपने शरीर की चर्बी में जमा ऊर्जा पर ही निर्भर रहती हैं।

बच्चे जन्म देने वाली मादा व्हेल को दूसरी सामान्य व्हेल की तुलना में सबसे ज़्यादा ऊर्जा की जरूरत होती है। इसलिए, उन्हें एक मुश्किल संतुलन बनाना पड़ता है। उन्हें इतनी ऊर्जा बचानी होती है कि वे वापस भोजन वाली जगहों पर जा सकें, और साथ ही अपने भूखे, बढ़ते हुए बच्चे को पिलाने के लिए काफी दूध भी बनाना होता है।

इस संतुलन को बेहतर ढंग से समझने के लिए, हमने ‘ग्रेट ऑस्ट्रेलियन बाइट’ के पास व्हेल के व्यवहार को फिल्माने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया।

सैकड़ों ड्रोन उड़ानों की मदद से हमने व्हेल के दूध पिलाने और आराम करने के घंटों के फुटेज एकत्र किए।

जिस तथ्य ने वास्तव में हमारी दिलचस्पी बढ़ाई, वह था व्हेल का एक अजीब व्यवहार जो हमने देखा। व्हेल मछलियां पानी की सतह पर या सतह के ठीक नीचे चित होकर लेटी हुई थीं।

हमारी जानकारी के अनुसार, व्हेल की किसी अन्य बड़ी प्रजाति को इस तरह आराम करते हुए नहीं देखा गया है।

सदर्न राइट व्हेल चित होकर आराम क्यों करती हैं?

व्हेल इस तरह क्यों आराम करती हैं, इसका पहला संकेत इस बात में छिपा है कि कौन इस तरह आराम कर रहा है।

चित अवस्था में आराम करती हुई जो व्हेल देखी गईं, उनमें सिर्फ वे मदाएं थीं जिनके साथ उनके नवजात बच्चे थे और एक ऐसी मादा भी थी जो प्रसव के अंतिम चरण में थी। यह व्यवहार अन्य वयस्क व्हेल, किशोरों या बच्चों में नहीं देखा गया।

हमने जिन मादाओं पर नजर रखी, उनमें से 25 प्रतिशत में यह व्यवहार देखा गया। इससे ज्ञात होता है कि यह व्यवहार शायद प्रजनन के लिए जरूरी ऊर्जा की जरूरतों से जुड़ा हो सकता है। जब आराम कर रहीं इन मादाओं पर हमने नजर रखी तो इन्होंने कुल समय का करीब 19 प्रतिशत इसी अवस्था में आराम करके बिताया।

इस व्यवहार का एक कारण यह हो सकता है कि चित होकर आराम करने से मादाओं को यह तय करने में मदद मिलती है कि वे अपने बच्चे को कितना दूध पिलाती हैं।

जब मादा व्हेल चित होकर आराम करती हैं, तो बच्चा उनके स्तन-छिद्रों तक नहीं पहुँच पाता है, जहाँ दूध होता है। इसलिए, जब मादा व्हेल थकान महसूस करती हैं और उन्हें आराम की जरूरत होती है, तो वे इस स्थिति में आराम कर सकती हैं।

मादा व्हेल के चित होकर लेटने का एक और संभावित कारण शरीर को ज्यादा गर्म होने से बचाना हो सकता है।

कुछ दूसरी व्हेल और डॉल्फिन के उलट, इन व्हेल में पीठ पर कोई ‘फिन’(पंख जैसा हिस्सा) नहीं होता है। पीठ के फिन अक्सर शरीर का अंदरूनी तापमान नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाते हैं; ये त्वचा के पास मौजूद रक्त वाहिकाओं को ठंडी हवा के संपर्क में लाते हैं।

पानी की सतह पर चित होकर लेटने और अपने पेट और पेक्टोरल फिन्स (वक्ष के पास होते है) को पानी से बाहर निकालकर, वह समुद्र की हवा के संपर्क में आने वाली अपनी त्वचा का क्षेत्रफल बढ़ा सकती है। इससे उसे ठंडा रहने में मदद मिलती है, ठीक वैसे ही जैसे गर्मी के दिनों में हम अपने पैर ठंडे पानी के स्रोत में डुबाते हैं।

इस आराम की चुकानी होती कीमत

इसका उद्देश्य चाहे जो भी हो, चित होकर आराम करने से ‘सदर्न राइट व्हेल’ कमजोर स्थिति में आ जाती हैं।

सही स्थिति में पलटना कोई आसान काम नहीं है, खासकर तब जब वजन 40 टन से अधिक हो। ‘उल्टी स्थिति’ में रहने पर, व्हेल को सांस लेने के लिए पलटने और किसी खतरे (जैसे नाव या जहाज़) के आने पर तेजी से तैरकर दूर जाने में ज़्यादा समय लगता है।

‘सदर्न राइट व्हेल’ की आबादी बढ़ नहीं रही है और वे पुराने समय में किए गए शिकार के असर से अभी तक उबर नहीं पाई हैं। ऐसे में, उनके अनोखे व्यवहारों जैसे कि चित होकर आराम करने को समझने से हमें इस प्रजाति की बेहतर सुरक्षा करने में मदद मिलती है।

अगर इस सर्दी में आपको ‘सदर्न राइट व्हेल’ को चित होकर आराम करते हुए देखने का मौका मिले, तो याद रखें कि ये जीव अपनी जिंदगी के सबसे ज़्यादा ऊर्जा खर्च करने वाले दौर से गुजर रहे होते हैं। इसलिए, बेहतर यही है कि उन्हें ऐसा करने दें और परेशान न करें।

(द कन्वरसेशन)

धीरज दिलीप

दिलीप