मेक्सिको सिटी, छह जनवरी (एपी) वेनेजुएला में अमेरिका के सैन्य हस्तक्षेप के बाद मेक्सिको सरकार और विशेषज्ञों ने देश में मादक पदार्थ तस्करी गिरोहों के खिलाफ एकतरफा अमेरिकी कार्रवाई की आशंका को खारिज कर दिया है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मेक्सिको को इन गिरोहों के संबंध में चेतावनी दे चुके हैं।
मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लॉडिया शीनबॉम का प्रशासन अमेरिका की मांगों पर काम कर रहा है और दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध बेहद महत्वपूर्ण हैं।
फिर भी, कई लोगों का मानना है कि ट्रंप मेक्सिको को इस तरह की कई और धमकियां दे सकते हैं। इन धमकियों को मेक्सिको से और अधिक रियायतें पाने के एक तरीके के रूप में देखा जा रहा है। कोई भी इस आशंका को पूरी तरह से नहीं नकार रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति कोई अप्रत्याशित कदम उठा सकते हैं।
शीनबॉम ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की आशंका को सोमवार को खारिज किया।
उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि कोई जोखिम है। अमेरिकी सरकार के साथ समन्वय और सहयोग कायम है।”
उन्होंने कहा, “मैं (आक्रमण की आशंका पर) विश्वास नहीं करती, मुझे नहीं लगता कि इसे गंभीरता से लिया जा रहा है।”
उन्होंने यह भी कहा, “संगठित अपराध का समाधान (विदेशी सैन्य) हस्तक्षेप से नहीं किया जा सकता।”
ऐसे में वेनेजुएला की तरह मेक्सिको में भी अमेरिकी कार्रवाई की आशंका को लेकर कुछ सवाल उठ रहे हैं। हालांकि मेक्सिको और वेनेजुएला की स्थिति एक-दूसरे से काफी अलग है।
सबसे पहली बात जो मेक्सिको को वेनेजुएला से अलग करती है वह यह है कि शीनबॉम एक लोकप्रिय और वैध रूप से निर्वाचित राष्ट्रपति हैं।
दूसरा पहलू यह है कि मेक्सिको अमेरिका का मुख्य व्यापारिक साझीदार है, और वहां चार करोड़ मेक्सिकन नागरिक रहते हैं।
तीसरी बात, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ‘स्वीकार किया है कि मेक्सिको के साथ उच्च-स्तरीय सहयोग है।”
मेक्सिको के सेंटर फॉर इकनॉमिक रिसर्च एंड टीचिंग (सीआईडीई) में एक राजनीतिक विश्लेषक कार्लोस पेरेज रिकार्टके अनुसार मेक्सिको में हस्तक्षेप या सैन्य कार्रवाई से वह सहयोग बंद हो जाएगा।
उन्होंने कहा, “ऐसा करना अमेरिका के लिए एक बड़ा जोखिम होगा, क्योंकि उसके पास इस क्षेत्र में कोई साझेदार नहीं बचेगा।’
हालांकि अमेरिका में मेक्सिको के राजदूत रहे अर्टुरो सारुखान का कहना है कि मादुरो का समर्थन करना “मेक्सिको को महंगा पड़ेगा।”
अमेरिका में मेक्सिको की राजदूत रहीं मार्था बार्सेना ने कहा कि मेक्सिको के सामने अब भी सबसे बड़ी चुनौती संगठित अपराध से जुड़ा राजनीतिक भ्रष्टाचार है।
कोई भी अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप को पूरी तरह से नकारने को तैयार नहीं है, भले ही आशंका बहुत कम हो।
मेक्सिको के सेंटर फॉर इकनॉमिक रिसर्च एंड टीचिंग (सीआईडीई) में एक राजनीतिक विश्लेषक कार्लोस पेरेज रिकार्ट ने कहा, ‘अमेरिका किसी नियम से बंधा नहीं है। फिलहाल सभी संभावनाएं खुली हैं, जिनमें वे संभावनाएं भी शामिल हैं, जिनकी एक साल पहले कल्पना भी नहीं की जा सकती थी।”
एपी जोहेब मनीषा
मनीषा