बांग्लादेश: भीड़ के हमले से बचने के लिए हिंदू युवक नहर में कूदा, डूबने से मौत

बांग्लादेश: भीड़ के हमले से बचने के लिए हिंदू युवक नहर में कूदा, डूबने से मौत

  •  
  • Publish Date - January 7, 2026 / 08:25 PM IST,
    Updated On - January 7, 2026 / 08:25 PM IST

ढाका, सात जनवरी (भाषा) उत्तर-पश्चिमी बांग्लादेश में चोरी का आरोप लगाये जाने के बाद, 25 वर्षीय एक हिंदू युवक ने भीड़ से अपनी जान बचाने के लिए नहर में छलांग लगा दी। हालांकि डूबने से उसकी मौत हो गई।

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाकर की गई हिंसा की यह नवीनतम घटना है।

बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद (बीएचबीसीयूसी) के प्रवक्ता काजल देबनाथ ने बताया कि मृतक की पहचान मिथुन सरकार के रूप में हुई है।

मंगलवार को नौगांव जिले में चोरी के आरोप को लेकर भीड़ ने मिथुन पर हमले की कोशिश की। देबनाथ ने बताया कि अपनी जान बचाने के लिए वह नहर में कूद गया, लेकिन डूब गया।

मंगलवार को जारी एक बयान में परिषद ने अल्पसंख्यकों के बढ़ते उत्पीड़न के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

देश में आम चुनाव की तारीख नजदीक आने के साथ ही सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं। परिषद ने दावा किया कि इन घटनाओं का उद्देश्य अल्पसंख्यक मतदाताओं को अपनी पसंद के उम्मीदवारों को वोट डालने से रोकना है।

इसने कहा, ‘‘बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद की केंद्रीय समिति ने सांप्रदायिक हिंसा पर गंभीर चिंता व्यक्त की है और कड़ी निंदा की है।’’

परिषद ने बताया कि उसने अकेले दिसंबर 2025 में सांप्रदायिक हिंसा की 51 घटनाएं दर्ज की हैं। परिषद ने कहा, ‘‘इनमें हत्या के 10, चोरी और डकैती के 10 मामले तथा घरों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, मंदिरों और जमीनों पर कब्जे, लूटपाट और आगजनी की 23 घटनाएं शामिल हैं।’

इसने दावा किया कि ईशनिंदा करने या विदेशी एजेंट होने के आरोप में चार लोगों को हिरासत में लिया गया है।

बयान के अनुसार, पिछले सात दिनों में, बदमाशों ने एक हिंदू विधवा के साथ बलात्कार किया, एक हिंदू व्यक्ति की आभूषण दुकान में लूटपाट की और उत्तर-पश्चिमी कुरीग्राम जिले की एक हिंदू उपायुक्त या प्रशासनिक प्रमुख को चुनाव अधिकारी के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के दौरान धमकाया।

बयान में कहा गया है कि 2 जनवरी को दक्षिण-पूर्वी लक्ष्मीपुर में सत्यरंजन दास की जमीन पर धान की फसल जला दी गई।

दिसंबर में युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद से बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ कई घटनाओं से हिंदू आबादी प्रभावित हुई है।

पलाश उपजिला के चारसिंधुर बाजार में 5 जनवरी की रात को अज्ञात हमलावरों ने 40 वर्षीय किराना दुकान मालिक की धारदार हथियार से हत्या कर दी। उसकी पहचान मोनी चक्रवर्ती के रूप में हुई।

बर्फ बनाने की फैक्टरी के मालिक और नाराइल से प्रकाशित होने वाले ‘दैनिक बीडी खबर’ अखबार के कार्यवाहक संपादक राणा प्रताप बैरागी (38) की 5 जनवरी को जेस्सोर जिले में अज्ञात हमलावरों ने सिर में गोली मारकर हत्या कर दी।

वहीं, खोकन चंद्र दास (50) पर 31 दिसंबर की रात को दुकान बंद करके घर लौटते समय बदमाशों ने बर्बर हमला किया। तीन दिन बाद 3 जनवरी को अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई।

भाषा सुभाष नरेश

नरेश