लंदन, दो मार्च (एपी) अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमले के बाद पश्चिम एशिया से होकर गुजरने वाली उड़ानें रद्द होने की वजह से दुनिया के कई देशों की सरकारों को अपने-अपने नागरिकों को सुरक्षित घर वापस लाने में काफी संघर्ष का सामना करना पड़ रहा है।
पश्चिम एशिया के कई देशों में पर्यटक और व्यावसायिक यात्री अप्रत्याशित रूप से होटलों, हवाई अड्डों और क्रूज जहाजों में फंसे हुए हैं। इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि ये हवाई अड्डे कब फिर से खुलेंगे या पश्चिम एशिया के लिए और उसके माध्यम से उड़ानें कब फिर से शुरू होंगी।
कई देशों की सरकारों ने अपने-अपने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों में शरण लेने की सलाह दी है।
दुबई, अबू धाबी और दोहा के हवाई अड्डों को बंद कर दिया गया है- जिनमें दुनिया का सबसे व्यस्त माना जाने वाला दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी शामिल है। ये हवाई अड्डे यूरोप, अफ्रीका और पश्चिमी देशों से एशिया के बीच यात्रा के महत्वपूर्ण केंद्र हैं।
इन हमलों के कारण ये हवाई अड्डे प्रभावित हुए हैं।
कतर एयरवेज ने सोमवार को कहा कि उसकी उड़ानें स्थगित रहेंगी और अगली जानकारी मंगलवार सुबह जारी की जाएगी, जबकि जॉर्डन ने अपने हवाई क्षेत्र को आंशिक रूप से बंद करने की घोषणा की है।
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण जर्मनी के लगभग 30,000 पर्यटक वर्तमान में क्रूज जहाजों, होटलों या बंद हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं और घर वापस नहीं लौट पा रहे हैं।
जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल ने रविवार देर रात कहा कि हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण फिलहाल सैन्य निकासी संभव नहीं है।
चेक गणराज्य अपने नागरिकों को वापस लाने के लिए मिस्र और जॉर्डन में दो विमान भेज रहा है। पश्चिम एशिया में चेक गणराज्य के करीब 6,700 लोग फंसे हुए हैं।
एशिया में अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द होने के कारण इंडोनेशिया के पर्यटक द्वीप बाली में हजारों यात्री फंस गए।
एपी रवि कांत सुरेश
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