दक्षिण एशिया में सैन्य गतिरोध क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डाल सकता है: कुरैशी

दक्षिण एशिया में सैन्य गतिरोध क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डाल सकता है: कुरैशी

दक्षिण एशिया में सैन्य गतिरोध क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डाल सकता है: कुरैशी
Modified Date: November 29, 2022 / 08:46 pm IST
Published Date: February 15, 2021 1:15 pm IST

(सज्जाद हुसैन)

इस्लामाबाद/कराची, 15 फरवरी (भाषा) पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने सोमवार को कहा कि दक्षिण एशिया में किसी भी तरह का सैन्य गतिरोध क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डाल सकता है तथा यह क्षेत्र वैश्विक व्यापार प्रवाह एवं सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

कुरैशी ने कराची में नौवें अंतरराष्ट्रीय नौवहन सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि हिंद महासागर आपसी सहयोग एवं समन्वय के लिए आशाजनक संभावनाएं प्रदान करता है।

उन्होंने कहा, ‘‘ अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस तथ्य का संज्ञान लेने की आवश्यकता है कि दक्षिण एशिया में किसी भी तरह का सैन्य गतिरोध क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डाल सकता है जो वैश्विक व्यापार प्रवाह एवं सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है।’’

विदेश मंत्री ने आरोप लगाया कि भारत ने हिंद महासागर को परमाणु हथियारों की जद में ला दिया है और वह उन्नत शस्त्र प्रणाली एवं नौसेना साजो सामान जुटाने में लगा हुआ है।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान हिंद महासागर सुरक्षा क्षेत्र का अहम पक्षकार है, जिसमें समुद्री डाकुओं के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ मानव तस्करी और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसे मुद्दे शामिल हैं।

भाषा शफीक माधव

माधव


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