CBI National Conference Today/Image Credit: IBC24
CBI National Conference Today: नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री अमित शाह मंगलवार, 10 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में “Tackling Cyber-Enabled Frauds & Dismantling the Ecosystem” (साइबर-सक्षम धोखाधड़ी से निपटने और इसके ईकोसिस्टम) को ध्वस्त करने विषय पर आयोजित होने वाले राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करेंगे (CBI National Conference Today) । गृह मंत्री इस अवसर पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) अधिकारियों के अलंकरण समारोह की अध्यक्षता करेंगे और ब्यूरो की नई साइबर अपराध शाखा का उद्घाटन करेंगे। वे भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र ( I4C) के राज्य अपराध समन्वय केंद्र (S4C) डैशबोर्ड का भी शुभारंभ करेंगे।
साइबर-सक्षम धोखाधड़ी से निपटने और इसके ईकोसिस्टम को ध्वस्त खत्म करने विषय पर दो दिन का राष्ट्रीय सम्मेलन 10 और 11 फरवरी 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में CBI द्वारा गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र ( I4C) के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
CBI National Conference Today: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) वर्ष 2000 से साइबर अपराधों की जांच कर रही है (CBI National Conference Today) और उसने 2022 में साइबर साइबर अपराध जांच प्रभाग स्थापित कर अपनी क्षमताएं उन्नत की हैं। यह प्रभाग सरकार और उसके कार्यालयों को प्रभावित करने वाले साइबर अपराधों की जांच के लिए नोडल एजेंसी के तौर पर काम करता है। साइबर अपराध जांच प्रभाग साइबर-आधारित अपराधों और साइबर-सक्षमता धोखाधड़ी दोनों की जांच करता है।
CBI National Conference Today: यह सम्मेलन ऐसे समय आयोजित हो रहा है, जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत में तीव्रता से हुए डिजिटल बदलाव से बैंकिंग, शासन और संचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। हालांकि इसके साथ ही नई चुनौतियाँ भी उत्पन्न हुई हैं जिसका फायदा संगठित साइबर अपराधी नेटवर्क उठा रहे हैं।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारत में साइबर-सक्षम धोखाधड़ी की व्यापकता, (CBI National Conference Today) रुझान और बदलते स्वरूप को पहचानना; साइबर-धोखाधड़ी ईकोसिस्टम के तीन महत्वपूर्ण स्तंभों की जांच करना, जिनमें वित्तीय स्तंभ (धनशोधन, धोखाधड़ी और अवैध धन हस्तांतरण सहित वित्तीय अपराधों को अंजाम देने में इस्तेमाल होने वाले बैंक खाते – म्यूल अकाउंट तथा धनशोधन), टेलीकॉम स्तंभ (सिम और ई-सिम और डिजिटल ढांचे का दुरुपयोग), और मानव स्तंभ (साइबर गुलामी और मानव तस्करी से बनाए गये स्कैम परिसर); कानून प्रवर्तन, बैंकों, दूरसंचार सेवा प्रदाताओं, विनियामक और प्रौद्योगिकी प्लेटफॉर्म के बीच अंतर-एजेंसी समन्वय और सार्वजनिक-निजी सहयोग सुदृढ़ करना; सीमित मानव बल के साथ जांच आगे बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स के इस्तेमाल की संभावना पर विचार; साइबर धोखाधड़ी की जल्द रिपोर्टिंग, धोखाधड़ी के धन की रियल-टाइम निगरानी, समय पर सबूतों के संरक्षण और पीड़ित सुरक्षा तंत्र में सुधार करना शामिल हैं।
CBI National Conference Today: यह सम्मेलन रोकथाम, जांच, प्रौद्योगिकी अपनाने, अंतर-एजेंसी तालमेल और पीड़ित केंद्रित व्यवस्था सुदृढ़ कर साइबर सक्षम धोखाधड़ी से निपटने के लिए एकीकृत रणनीतिक दृष्टिकोण अपनाने का प्रयास है। अंततः, इसका लक्ष्य लोगों को साइबर धोखाधड़ी से सुरक्षित बनाना, आपराधिक ढांचे ध्वस्त करना और (CBI National Conference Today) भारत के डिजिटल परितंत्र के प्रति जन-विश्वास मज़बूत बनाना है।
दो दिन के सम्मेलन में केंद्र और राज्य की कानून प्रवर्तक एजेंसियों, दूरसंचार विभाग, वित्तीय सेवा विभाग, भारतीय रिज़र्व बैंक, सरकारी, निजी और सहकारी क्षेत्र के बैंक, राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक – नाबार्ड, फिनटेक कंपनियों और पेमेंट प्लेटफॉर्म, दूरसंचार सेवा प्रदाता, सोशल मीडिया और क्लाउड सर्विस इंटरमीडियरी (मध्यस्थ), साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ, डोमेन विशेषज्ञ, अंतर्राष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसी और पॉलिसी प्रतिनिधियों के वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ भाग लेंगे। बहुपक्षीय जुड़ाव वाला यह सम्मेलन साइबर अपराध से निपटने के संपूर्ण पारितांत्रिक दृष्टिकोण को दर्शाता है।
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