लंदन। अमेरिका और भारत की कई बार चेतावनी के बाद भी पाकिस्तान आतंकवाद का सुरक्षित पनाहगाह बना हुआ है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान में आतंकी हमलों का खतरा सीरिया से तीन गुना अधिक है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सबसे अधिक आतंकी बेस पाकिस्तान में हैं, साथ ही आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा है।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और स्ट्रेटेजिक फोरसाइट ग्रुप की हालिया रिपोर्ट ‘ह्यूमैनिटी ऐट रिस्कः ग्लोबल टेरर इंडिकेट‘ में ये बातें कही गई हैं। रिपोर्ट में पाकिस्तान को वैश्विक आतंकवाद का समर्थक बताया गया है। कहा गया है कि सीरिया के मुकाबले पाकिस्तान में आतंकी हमले का खतरा तीन गुना अधिक है। अफगान तालिबान और लश्कर-ए-तैयबा से सबसे अधिक खतरा है। ये भी कहा गय है कि आतंकियों के सुरक्षित पनाहगाह की लिस्ट में पाकिस्तान टॉप पर है।
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रिपोर्ट में कहा गया है, ‘आंकड़ों के मुताबिक ज्यादातर सबसे खतरनाक आतंकी संगठन पाकिस्तान से संबद्ध हैं। जबकि कुछ समूह अफगानिस्तान के हैं जिनका संचालन पाकिस्तान के सहयोग से होता है’। रिपोर्ट तैयार करने वाले ग्रुप ने 200 ऐसे समूहों का विश्लेषण किया है जो 21वीं सदी के पहले पांच सालों में आतंकी गतिविधियों में शामिल रहे हैं।
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इन समूहों में पिछले पांच सालों में आईएसआईएस को सबसे ज्यादा मीडिया कवरेज मिला। लेकिन आईएसआईएस के अचानक आगे बढ़ने और अचानक ही इसके पतन के बाद अल-कायदा सबसे लचीला आतंकी नेटवर्क बना हुआ है। 2011 तक इसका नेतृत्व ओसामा बिन लादेन के हाथ में था। वहीं अब ओसामा का बेटा हम्जा बिन लादेन इसका नेतृत्व कर रहा है।
वेब डेस्क, IBC24