Home » Serial Updates » Vasudha: Santosh’s harsh words pierce Vasudha’s heart! Have all doors to forgiveness closed forever for Chandrika and Vasudha?
Vasudha: संतोष के तीखे बाणों से छलनी हुआ वसुधा का दिल! क्या चंद्रिका और वसुधा के लिए हमेशा के लिए बंद हुए माफ़ी के सारे दरवाज़े?
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Vasudha: "वसुधा" के आगामी एपिसोड में एक और दिल तोड़ देने वाला पल देखने को मिलेगा, क्योंकि चंद्रिका और वसुधा के प्रति संतोष का गुस्सा कम होने का नाम नहीं ले रहा..
Vasudha:‘ZEE TV’ के सबसे लोकप्रिय और पसंदीदा शो “वसुधा“ के आगामी एपिसोड में एक और दिल तोड़ देने वाला पल देखने को मिलेगा, क्योंकि चन्द्रिका और वसुधा के प्रति संतोष का गुस्सा कम होने का नाम नहीं ले रहा।
लिविंग रूम में बैठी संतोष को अचानक तेज़ खांसी उठाने लगती है। उसे इस हाल में देख, वसुधा और चंद्रिका घबरा जाती है और तुरंत कमरे से बाहर आती हैं। संतोष को राहत पहुंचाने के लिए वसुधा झट से पानी लाने की बात कहती है और चंद्रिका भी उसे जल्दी करने के लिए बोलती है।
लेकिन स्थिति दर्दनाक हो जाती है।
जैसे ही वसुधा पानी लेकर आती है, तो संतोष गुस्से में गिलास को उसके हाथ से झटक देती है और वसुधा के हाथ से पानी पीने से साफ़ इंकार कर देती है। गुस्से में संतोष कहती है कि चाहे उसकी आखिरी सांसें ही क्यों न चल रही हों, वह वसुधा और चंद्रिका के हाथ का पानी कभी नहीं छुएगी। जिन दो औरतों ने उसका विश्वास तोडा है, उनसे कोई भी मदद लेने के बजाय वह प्यासी रहना पसंद करेगी।
संतोष के तीखे बोल सुनकर, वसुधा और चंद्रिका की आँखों में आँसू आ जाते हैं। वे दोनों संतोष के सामने गिड़गिड़ाती हैं कि वह शांत हो जाएं और थोड़ा पानी पी ले, लेकिन संतोष उनकी एक नहीं सुनती। आखिर में संतोष गुस्से में वहां से चली जाती है, जिससे यह साफ़ पता चलता है कि उसका गुसा और दर्द अभी कम नहीं हुआ है।
अब सवाल तो यह उठता है कि क्या वसुधा आखिरकार संतोष का गुस्सा शांत करने का कोई नया उपाय ढूंढ पाएगी? या फिर उनके बीच की यह खाई और भी गहरी हो जाएगी?
क्या संतोष की बिगड़ती हालत को देखकर वसुधा और चंद्रिका उनकी जान बचा पाएँगी?
लिविंग रूम में अचानक संतोष को गंभीर खांसी उठती है और उनकी हालत बिगड़ने लगती है। इसे देखकर वसुधा और चंद्रिका घबराकर कमरे से बाहर भागती हैं। वसुधा तुरंत पानी लाने की कोशिश करती है और चंद्रिका भी उसे जल्दी करने को कहती है ताकि संतोष को राहत मिल सके, लेकिन संतोष का गुस्सा इस मदद के आड़े आ जाता है।
संतोष ने पानी से भरा गिलास वसुधा के हाथ से क्यों झटक दिया?
संतोष के दिल में वसुधा और चंद्रिका के प्रति नफ़रत और आक्रोश का ज्वालामुखी सुलग रहा है। जैसे ही वसुधा पानी लेकर आती है, संतोष गुस्से से पागल होकर गिलास को उसके हाथ से झटक देती है। वह साफ़ कहती है कि जिन दो औरतों ने उसका सबसे बड़ा विश्वास तोड़ा है, वह उनके हाथ से पानी की एक बूँद भी नहीं स्वीकार करेगी।
गुस्से में संतोष ने वसुधा और चंद्रिका को क्या खौफनाक चेतावनी दी?
संतोष ने बेहद कड़े और तीखे शब्दों में कहा कि अगर वह अपनी मौत के बिस्तर पर भी होगी और अपनी आख़िरी साँसें गिन रही होगी, तब भी वह वसुधा और चंद्रिका के हाथ का पानी कभी नहीं पिएगी। धोखेबाज़ों से कोई भी मदद लेने के बजाय, वह प्यासी रहकर मरना ज़्यादा पसंद करेगी।
संतोष के इस कठोर बर्ताव के बाद वसुधा और चंद्रिका का क्या हाल हुआ?
संतोष के ये ज़हरीले और तीखे बोल सुनकर वसुधा और चंद्रिका पूरी तरह टूट जाती हैं और उनकी आँखों में आँसू आ जाते हैं। वे रोते-बिलखते हुए संतोष से शांत होने और अपनी सेहत के लिए थोड़ा पानी पीने की भीख माँगती रहती हैं, लेकिन संतोष उनकी एक नहीं सुनती और गुस्से में पैर पटकती हुई वहाँ से चली जाती है।
क्या वसुधा और संतोष के बीच की यह भावनात्मक दूरी कभी ख़त्म हो पाएगी?
संतोष का गुस्से में कमरा छोड़कर जाना यह साफ़ करता है कि उसके दिल पर लगे ज़ख्म अभी बहुत गहरे और हरे हैं। अब सबसे बड़ा सस्पेंस यह है कि क्या वसुधा संतोष का दिल पिघलाने का कोई बिल्कुल नया तरीका निकाल पाएगी, या फिर यह कड़वाहट और भावनात्मक दूरी इस रिश्ते को हमेशा के लिए दफ़्न कर देगी?