एआई के दौर में नयी सामाजिक धारणाएं बनाने की जरूरत: एनवीडिया सीईओ जेन्सेन हुआंग

एआई के दौर में नयी सामाजिक धारणाएं बनाने की जरूरत: एनवीडिया सीईओ जेन्सेन हुआंग

एआई के दौर में नयी सामाजिक धारणाएं बनाने की जरूरत: एनवीडिया सीईओ जेन्सेन हुआंग
Modified Date: June 17, 2026 / 09:15 am IST
Published Date: June 17, 2026 9:15 am IST

शेरमैन (अमेरिका), 17 जून (एपी) एनवीडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जेन्सेन हुआंग ने इस बात पर बल दिया कि कृत्रिम मेधा (एआई) के दौर में समाज के पास खुद को बदलने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है।

हुआंग के कार्यों ने एआई प्रौद्योगिकी को सक्षम और विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनका मानना है कि यह प्रौद्योगिकी समाज में तेजी से बदलाव लाने की क्षमता रखती है और इसके कारण आर्थिक वृद्धि को गति मिलने के साथ वैज्ञानिक क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल हो सकती हैं।

हालांकि, एआई प्रणालियां विकसित कर रही कंप्यूटर चिप निर्माता कंपनी के प्रमुख होने के नाते, हुआंग उन आलोचकों को जवाब देना अपनी जिम्मेदारी समझते हैं जो इसके कारण नौकरियों के खत्म होने और मानवता के लिए खतरा पैदा होने की चेतावनी देते हैं।

हुआंग ने कहा, ‘‘हमें नयी सामाजिक धारणाएं बनाने की जरूरत है। मैं इस बात पर जोर दूंगा कि हर कोई एआई का उपयोग करे, बस आगे बढ़ें और इससे जुड़ें।’’

उन्होंने कहा कि वेबसाइट बनाने, जटिल दस्तावेजों का विश्लेषण करने, उन्नत अनुसंधान का मार्गदर्शन करने या रसोई के नवीनीकरण (किचन रीमॉडलिंग) की योजना बनाने तक की एआई की क्षमता ने अमेरिका में प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विभाजन को कम करने में मदद की है।

उन्होंने कहा कि अब कंप्यूटर पर उन्नत कार्य करने के लिए लोगों को प्रोग्रामिंग या सॉफ्टवेयर विकसित करने का ज्ञान होना जरूरी नहीं रह गया है।

हुआंग ने कहा कि एआई के लिए सरकारी विनियमन और सुरक्षा मानकों की आवश्यकता है। उन्होंने इस बात को भी रेखांकित किया कि इस प्रौद्योगिकी के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता दिया जाना बेहद जरूरी है।

दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी के प्रमुख ने कहा कि समाज कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अनुरूप उसी तरह ढल जाएगा जैसे उसने मोटर वाहनों के अनुरूप स्वयं को ढाला।

उन्होंने कहा कि एक समय कारों को बच्चों की जान लेने वाली चीज के रूप में पेश किया जाता था लेकिन बाद में दुनिया ने फुटपाथ बनाकर तथा बच्चों को सड़कों पर खेलने से रोककर अपने नियम-कायदे बदल लिए।

एपी खारी सिम्मी

सिम्मी


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