नेपाल, भारत वार्ता के माध्यम से सभी मुद्दों का समाधान कर सकते हैं : विदेश मंत्री ज्ञावाली

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नेपाल, भारत वार्ता के माध्यम से सभी मुद्दों का समाधान कर सकते हैं : विदेश मंत्री ज्ञावाली

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  • Publish Date - April 16, 2021 / 03:02 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:52 PM IST

काठमांडू, 16 अप्रैल (भाषा) नेपाल और भारत के बीच ऐसा कोई मुद्दा नहीं है जिसका समाधान वार्ता के माध्यम से नहीं किया जा सकता है। यह बात नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप ज्ञावाली ने शुक्रवार को कही। उन्होंने कहा कि दोनों देश ‘‘मित्र हैं न कि प्रतिद्वंद्वी।’’

काठमांडू में नेपाल-भारत मैत्री संगठन की तरफ से आयोजित एक संवाद सत्र में ज्ञावाली ने कहा कि दोनों देशों के बीच परस्पर वार्ता एवं चर्चा के माध्यम से सभी बकाया मुद्दों का समाधान करने की जरूरत है।

उन्होंने नेपाल और भारत के बीच पहले से चले आ रहे मुद्दों तथा सीमा सहित अन्य अनसुलझे मुद्दों को वार्ता के माध्यम से सुलझाने की जरूरत पर बल दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम परस्पर विश्वास और राजनीतिक समझ के साथ आगे बढ़ें तो इन मुद्दों का समाधान बहुत कठिन नहीं है।’’

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा पिछले वर्ष आठ मई को उत्तराखंड के धारचूला में लिपुलेख दर्रे को जोड़ने वाले 80 किलोमीटर लंबे महत्वपूर्ण सामरिक मार्ग का उद्घाटन करने के बाद से दोनों देशों के संबंधों में तनाव आ गया था।

नेपाल ने सड़क के उद्घाटन पर तीखी प्रतिक्रिया जताते हुए दावा किया कि यह नेपाली क्षेत्र से गुजरती है। भारत ने दावे को खारिज करते हुए कहा कि सड़क पूरी तरह उसके क्षेत्र में आती है।

ज्ञावाली ने कहा कि कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में भारत और नेपाल संयुक्त रूप से आगे बढ़ रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत ने नेपाल को टीका मुहैया कराकर कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने में मदद की है।’’

नेपाल में शुक्रवार को कोविड-19 से चार और लोगों की मौत हो गई, जिससे मृतकों की संख्या 3070 हो गई है। देश में कोरोना वायरस संक्रमण के 836 नए मामले आए जिससे संक्रमितों की कुल संख्या 2,82,890 हो गई है। इनमें से 5008 संक्रमितों का इलाज चल रहा है।

भाषा नीरज नीरज नरेश

नरेश