नेपाल: भूटान के फर्जी शरणार्थी घोटाले में पूर्व उप प्रधानमंत्री को जेल की सजा

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नेपाल: भूटान के फर्जी शरणार्थी घोटाले में पूर्व उप प्रधानमंत्री को जेल की सजा

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  • Publish Date - July 15, 2026 / 10:29 PM IST,
    Updated On - July 15, 2026 / 10:29 PM IST

काठमांडू, 15 जुलाई (भाषा) नेपाल के पूर्व उप प्रधानमंत्री टोप बहादुर रायमाझी को भूटानी शरणार्थियों को नेपाली नागरिक बताकर उन्हें अमेरिका भेजने की फर्जी योजना में भूमिका निभाने के मामले में एक स्थानीय अदालत ने चार साल जेल की सजा सुनाई।

काठमांडू पोस्ट की खबर के अनुसार, काठमांडू जिला अदालत ने मंगलवार को इस मामले में पूर्व गृह मंत्री बालकृष्ण खांड को भी दो साल जेल की सजा सुनाई।

इसे फर्जी भूटानी शरणार्थी घोटाला कहा जाता है।

काठमांडू जिला अदालत के न्यायाधीश तेज बहादुर खड़का की एकल पीठ ने इस मामले में दोषी ठहराए गए 16 लोगों की सजा तय करते हुए रायमाझी पर 40,000 नेपाली रुपये (एनआरएस) और खांड पर 20,000 नेपाली रुपये (एनआरएस) का जुर्माना भी लगाया।

अदालत के सूचना अधिकारी शिवा खटीवड़ा के हवाले से खबर में बताया गया कि नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) (सीपीएन-यूएमएल) के नेता और 2015 में के. पी. शर्मा ओली के नेतृत्व वाली पहली सरकार का हिस्सा रहे रायमाझी को धोखाधड़ी, संगठित अपराध और देश के खिलाफ अपराध का दोषी ठहराया गया।

वहीं, खांड को इन अपराधों में सहयोगी होने का दोषी पाया गया। अदालत ने अपने संक्षिप्त आदेश में फर्जी शरणार्थी रैकेट को देश के खिलाफ अपराध बताया।

अदालत ने कहा कि इस मामले ने सीधे तौर पर नेपाली नागरिकों की गरिमा को ठेस पहुंचाई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेपाल की छवि को नुकसान पहुंचाया।

इस मामले में शुरुआत में 24 मई, 2023 को 30 लोगों के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी, संगठित अपराध और देश के खिलाफ अपराध के आरोपों में मामला दर्ज किया गया था।

इसके बाद मई और जुलाई 2024 में दो पूरक आरोपपत्र भी दाखिल किए गए।

भाषा जितेंद्र माधव

माधव