वेलिंगटन (न्यूजीलैंड), दो अप्रैल (एपी) न्यूजीलैंड और कुक आइलैंड्स ने बृहस्पतिवार को रक्षा और सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिससे प्रशांत क्षेत्र के इन दोनों देशों के बीच एक साल से अधिक समय से जारी तनाव में कमी आने की उम्मीद है।
कुक आइलैंड्स के चीन के साथ बढ़ते संबंधों को लेकर यह तनाव पैदा हुआ था।
यह कूटनीतिक गतिरोध इतना बढ़ गया था कि न्यूजीलैंड ने कुक आइलैंड्स को दी जाने वाली करोड़ों डॉलर की सहायता पर अस्थायी रोक लगा दी थी। हालांकि, यह टकराव बड़ी भू-राजनीतिक शक्तियों के बीच नहीं था। न्यूजीलैंड की आबादी लगभग 50 लाख है, जबकि कुक आइलैंड्स की जनसंख्या मात्र 15,000 है।
लेकिन यह लंबा गतिरोध प्रशांत महासागर के पर्यवेक्षकों के लिए चिंता का विषय बन गया, क्योंकि इससे उन छोटे द्वीपीय देशों की जद्दोजहद उजागर हुई, जो न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे पश्चिमी देशों के साथ करीबी संबंध रखते हैं और पारंपरिक गठबंधनों को बीजिंग की पहल के साथ संतुलित करने का प्रयास कर रहे हैं।
नयी घोषणा में कुक आइलैंड्स ने यह वादा किया कि रक्षा और सुरक्षा मामलों में न्यूजीलैंड उसका “प्राथमिक साझेदार” रहेगा।
न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स ने कहा कि समझौते ने दोनों देशों के मौजूदा संबंधों को लेकर “अस्पष्टता” दूर की है।
कुक आइलैंड के चीन के साथ समझौते को लेकर कूटनीतिक विवाद शुरु हुआ था। कुक आइलैंड्स के प्रधानमंत्री मार्क ब्राउन ने फरवरी 2025 में बीजिंग यात्रा के दौरान अपने देश और चीन के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसपर न्यूजीलैंड ने चिंता जताई थी।
इसका कारण यह था कि ब्राउन ने पहले इस समझौते के बारे में जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया था, जिसे न्यूज़ीलैंड के अधिकारियों ने सुरक्षा के लिए संभावित खतरा बताया था।
कुक आइलैंड्स एक स्वशासी देश है, जिसका न्यूजीलैंड के साथ 60 वर्ष पुराना “फ्री एसोसिएशन” (मुक्त सहयोग) संबंध है। इस सहयोग के तहत न्यूजीलैंड की सेना आईलैंड्स की रक्षा करती है और आईलैंड्स के नागरिक न्यूजीलैंड में स्वतंत्र रूप से रह और काम कर सकते हैं।
एपी जोहेब पवनेश
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