भारत सरकार से जुड़ी कोई गुप्त गतिविधि अब कनाडा में नहीं: पुलिस प्रमुख

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भारत सरकार से जुड़ी कोई गुप्त गतिविधि अब कनाडा में नहीं: पुलिस प्रमुख

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  • Publish Date - March 20, 2026 / 01:54 PM IST,
    Updated On - March 20, 2026 / 01:54 PM IST

ओटावा, 20 मार्च (भाषा) कनाडा के पुलिस प्रमुख ने कहा है कि उनके देश में अब भारत सरकार से जुड़ी ‘‘कोई गुप्त गतिविधि या सीमा पार दमनकारी’’ कार्रवाई नहीं हो रही है।

‘रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस’ (आरसीएमपी) के आयुक्त माइक डुहेम ने ‘सीटीवी न्यूज’ से एक साक्षात्कार के दौरान यह टिप्पणी की।

उनसे सवाल किया गया कि क्या ‘‘भारत के एजेंटों द्वारा सीमा पार दमन’’ अब भी चिंता का विषय है। डुहेम ने इसके जवाब में कहा, ‘‘वर्तमान में हमारे पास मौजूद आपराधिक जानकारी और जांच के आधार पर, हमें किसी भी विदेशी संस्था से कोई संबंध नजर नहीं आता।’’

डुहेम ने रविवार को प्रसारित किए जाने वाले साक्षात्कार में कहा, ‘‘मैं यह हमारे पास विदेशी हस्तक्षेप या सीमापार दमन से संबंधित सभी मामलों के समग्र आकलन के आधार पर कह रहा हूं। हमारे पास ऐसे लोग हैं जो लोगों को डरा रहे हैं, उन्हें परेशान कर रहे हैं लेकिन किसी विदेशी इकाई से, चाहे वह कोई भी देश हो, उनका संबंध जोड़ने के लिए हमारे पास कुछ नहीं है।’’

उनकी यह टिप्पणी कनाडा और भारत के बीच कई महीनों तक बने रहे राजनयिक तनाव के बाद आई है। भारत और कनाडा ने अपने संबंधों को सामान्य बनाने के लिए पिछले कुछ महीनों में कई कदम उठाए हैं।

कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने 2023 में आरोप लगाया था कि खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में संभवत: भारत की संलिप्तता है। ट्रूडो द्वारा ये आरोप लगाए जाने के बाद भारत एवं कनाडा के संबंध बेहद निचले स्तर पर चले गए थे। भारत ने ट्रूडो के आरोप को ‘‘बेतुका’’ करार दिया था।

ओटावा द्वारा अक्टूबर 2024 में निज्जर मामले से भारतीय उच्चायुक्त और पांच अन्य राजनयिकों को जोड़ने की कोशिश किए जाने के बाद भारत ने उन्हें वापस बुला लिया था। भारत ने इतनी ही संख्या में कनाडा के राजनयिकों को भी निष्कासित कर दिया था।

हालांकि, पिछले साल अप्रैल में संसदीय चुनाव में लिबरल पार्टी के नेता मार्क कार्नी की जीत से संबंधों को फिर से पटरी पर लाने की प्रक्रिया शुरू करने में मदद मिली। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे की राजधानियों में अपने-अपने उच्चायुक्त तैनात कर दिए हैं।

कार्नी इस महीने की शुरुआत में भारत आए थे और उस दौरान दोनों पक्षों ने यूरेनियम एवं महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति से जुड़े प्रमुख समझौतों पर मुहर लगाई और व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते को जल्द अंतिम रूप देने का संकल्प जताया।

भाषा सिम्मी मनीषा

मनीषा