दक्षिण सूडान में 550 से अधिक भारतीय शांतिरक्षकों को संयुक्त राष्ट्र सम्मान पदक से सम्मानित किया गया

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दक्षिण सूडान में 550 से अधिक भारतीय शांतिरक्षकों को संयुक्त राष्ट्र सम्मान पदक से सम्मानित किया गया

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  • Publish Date - June 2, 2026 / 10:49 AM IST,
    Updated On - June 2, 2026 / 10:49 AM IST

(योषिता सिंह)

संयुक्त राष्ट्र, दो जून (भाषा) संघर्ष प्रभावित दक्षिण सूडान में आम नागरिकों की रक्षा करने और शांति निर्माण के प्रयासों में सहयोग के लिए संयुक्त राष्ट्र मिशन में सेवाएं दे रहे 550 से अधिक भारतीय शांतिरक्षकों को उनके समर्पण और प्रतिबद्धता के लिए सम्मानित किया गया है। इनमें 53 महिलाएं भी शामिल हैं।

दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन (यूएनएमआईएसएस) ने सोमवार को कहा कि दक्षिण सूडान के मलाकाल शहर में आयोजित एक समारोह में भारत के 565 और रवांडा के 464 शांतिरक्षकों को संयुक्त राष्ट्र सम्मान पदक प्रदान किया गया।

मिशन ने कहा कि इन 565 भारतीय ‘ब्लू हेल्मेट’ में 53 महिलाएं शामिल थीं।

‘ब्लू हेल्मेट’ से आशय संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा बलों की अभियानगत कमान के तहत सेवा दे रहे सैन्य कर्मियों, पुलिस अधिकारियों और असैन्य विशेषज्ञों से है।

संयुक्त राष्ट्र संस्था ने कहा कि इन शांतिरक्षकों को ‘‘गश्त, सामुदायिक संपर्क, पशु चिकित्सा शिविरों, महिलाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण, लैंगिक हिंसा से मुकाबले और मानवीय सहायता तक पहुंच बेहतर बनाने के जरिए नागरिकों की रक्षा’’ करने के प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया।

दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन के बल कमांडर मेजर जनरल जुनहुई वू ने कहा कि हर पदक ‘‘हमारे उन बहादुर शांतिरक्षकों के साहस और दृढ़ता को सम्मानित करता है जो चुनौतीपूर्ण माहौल में अनुशासन, अभियानगत प्रभावशीलता और टीम भावना के उच्चतम मानकों का प्रदर्शन करते हैं।’’

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने इस सम्मान पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय दल को बधाई दी।

मिशन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारतीय ‘ब्लू हेल्मेट’ ने अपने सभी कार्यक्षेत्रों में पेशेवर आचरण के उच्चतम मानकों को लगातार बनाए रखा है।’’

संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा अभियानों में वर्दीधारी कर्मियों का योगदान देने वाले देशों में नेपाल के बाद भारत दूसरे नंबर पर है।

भारत इस समय अबेई, मध्य अफ्रीकी गणराज्य, साइप्रस, कांगो, लेबनान, पश्चिम एशिया, सोमालिया, दक्षिण सूडान और पश्चिमी सहारा में जारी संयुक्त राष्ट्र अभियानों में 155 महिलाओं सहित 4,200 से अधिक सैन्य और पुलिस कर्मियों का योगदान दे रहा है।

कर्तव्य निभाते हुए जान गंवाने वाले भारतीय शांतिरक्षकों की संख्या करीब 180 है, जो सैनिकों का योगदान देने वाले देशों में सबसे अधिक है।

पिछले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षकों के अंतरराष्ट्रीय दिवस के अवसर पर, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में संयुक्त राष्ट्र संगठन स्थिरीकरण मिशन (मोनुस्को) में सेवा दे चुके लांस हवलदार हरभजन सिंह और दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन में सेवा दे चुके नायब सूबेदार सुजीत कुमार प्रधान को अपना कर्तव्य निभाते हुए दिए गए सर्वोच्च बलिदान के लिए मरणोपरांत ‘डैग हैमरशोल्ड मेडल’ से सम्मानित किया गया।

यह पदक संयुक्त राष्ट्र द्वारा दिया जाने वाला सर्वोच्च आधिकारिक सम्मान है।

इसके अलावा भारत की मेजर अभिलाषा बराक को 2025 के सैन्य लैंगिक समानता पैरोकार पुरस्कार के लिए चुना गया।

भाषा

सिम्मी रंजन

रंजन