pakistan primeminister/ image source: wikimedia commons
Pakistan on Iran and America War: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हुई अमेरिका-ईरान वार्ता के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने कहा है कि पाकिस्तान क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए लगातार प्रयास कर रहा है और मौजूदा विवादों को सुलझाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने विशेष रूप से United States और Iran के बीच बढ़ते तनाव का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तान इस विवाद को कूटनीतिक बातचीत के जरिए हल करने की कोशिशों का समर्थन कर रहा है।
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— IBC24 News (@IBC24News) April 14, 2026
प्रधानमंत्री शरीफ ने बताया कि फिलहाल संघर्ष विराम (सीजफायर) लागू है, जो एक सकारात्मक संकेत है, हालांकि कुछ अहम मुद्दे अब भी सुलझाए जाने बाकी हैं। उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि सभी पक्ष संयम बरतें और बातचीत के जरिए समाधान तलाशें, ताकि किसी भी तरह की टकराव की स्थिति को टाला जा सके। शरीफ ने यह भी दोहराया कि पाकिस्तान हमेशा शांति का पक्षधर रहा है और वह हर संभव मंच पर संवाद को आगे बढ़ाने की कोशिश करता रहेगा।
इस दौरान उन्होंने Islamabad में हुई हालिया वार्ता को “ऐतिहासिक” बताते हुए कहा कि यह बैठक आने वाले समय में सकारात्मक परिणाम देने की क्षमता रखती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि निकट भविष्य में इस बातचीत के ठोस नतीजे सामने आएंगे, जिससे न केवल संबंधित देशों के बीच तनाव कम होगा, बल्कि पूरे क्षेत्र में स्थिरता और सहयोग का माहौल भी मजबूत होगा।
बता दें कि, इस्लामाबाद में हुई अमेरिका-ईरान के बीच मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव को लेकर बैठक हुई। हालांकि, दोनों ही देशों की ओर से कहा गया है कि बैठक के बाद आपसी सहमति नहीं हुई है। खबर आई है कि, दोनों देश अपने अपने मुद्दों पर अड़े हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक, दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच अब तक करीब 15 से 21 घंटे तक गहन बातचीत हो चुकी, लेकिन कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है। बातचीत का फोकस अब तकनीकी मुद्दों पर शिफ्ट हो गया, जिसमें परमाणु कार्यक्रम और सुरक्षा से जुड़े पहलू शामिल हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्पष्ट कहा कि अभी तक किसी समझौते पर सहमति नहीं बन पाई है। उनके अनुसार, ईरान ने अमेरिका की प्रमुख शर्तों को स्वीकार नहीं किया है, जिससे वार्ता आगे बढ़ने में मुश्किल हो रही है। वेंस ने यह भी दोहराया कि अमेरिका का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान किसी भी हाल में परमाणु हथियार हासिल न कर सके। वहीं, ईरानी मीडिया के हवाले से दावा किया गया है कि ताजा दौर की बातचीत बिना किसी ठोस नतीजे के खत्म हो गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य समेत कई रणनीतिक मुद्दों पर दोनों देशों के बीच गहरे मतभेद बने हुए हैं। खासतौर पर अमेरिका की शर्तों को लेकर ईरान ने नाराजगी जताई है और कहा है कि वॉशिंगटन अपनी मांगें थोपने की कोशिश कर रहा है, जिसके चलते बातचीत आगे नहीं बढ़ पाई।