पाकिस्तानी शियाओं ने ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमलों के विरोध में रैली निकाली

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पाकिस्तानी शियाओं ने ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमलों के विरोध में रैली निकाली

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  • Publish Date - March 6, 2026 / 07:11 PM IST,
    Updated On - March 6, 2026 / 07:11 PM IST

इस्लामाबाद, छह मार्च (एपी) पाकिस्तान की राजधानी और देश के अन्य हिस्सों में शुक्रवार को अल्पसंख्यक शिया समुदाय के सैकड़ों लोगों ने अमेरिका-इजराइल के हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने की निंदा करते हुए रैलियां निकालीं। इस बीच, इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने अमेरिकियों को संभावित हिंसा के प्रति आगाह करते हुए सुरक्षा अलर्ट जारी किया।

भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बीच, लगभग 300 प्रदर्शनकारियों ने इस्लामाबाद में धरना दिया। वे हाथों में खामेनेई के पोस्टर लिए हुए थे और ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ तथा ‘इजराइल मुर्दाबाद’ जैसे नारे लगा रहे थे। इस्लामाबाद पुलिस ने संभावित तनाव को रोकने के लिए अमेरिकी दूतावास की ओर जाने वाली सड़कों पर कंटेनर खड़े कर दिए।

पाकिस्तानी अधिकारियों ने कहा कि प्रदर्शनकारी इस्लामाबाद में दूतावास की ओर मार्च न करने पर सहमत हो गए हैं, जो धरने वाली जगह से लगभग तीन किलोमीटर दूर स्थित है। प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार को बाद में अपना धरना समाप्त करने की योजना बनाई है।

कराची बंदरगाह शहर में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है, जहां रविवार को सैकड़ों शियाओं ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर धावा बोल दिया था और इमारत में आग लगाने की कोशिश की थी। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस और गोलीबारी का सहारा लिया था। हिंसा में कराची में 10 प्रदर्शनकारी मारे गए, और स्कार्दू तथा गिलगित सहित उत्तरी शहरों में कम से कम 13 लोग मारे गए।

कराची में, शिया प्रदर्शनकारी शुक्रवार को वाणिज्य दूतावास से लगभग 4 किलोमीटर दूर जमा हुए।

इसके अलावा, शुक्रवार को इस्लामाबाद और कराची में सुन्नी प्रदर्शनकारियों के छोटे समूहों ने भी ईरान के साथ अमेरिका-इजराइल युद्ध के खिलाफ रैलियां निकालीं। यह प्रदर्शन अमेरिकी दूतावासों से काफी दूर किया गया।

प्रदर्शनों से पहले जारी सुरक्षा चेतावनी में, इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने देश में मौजूद अमेरिकियों से बाहर आवागमन सीमित करने का आग्रह किया। साथ ही, एक अद्यतन परामर्श में अमेरिकी नागरिकों को ‘‘आतंकवाद और अपहरण’’ के खतरे के कारण पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी बलूचिस्तान प्रांत, उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा और कश्मीर क्षेत्र की यात्रा न करने को कहा गया।

पाकिस्तान की लगभग 25 करोड़ आबादी में शिया लगभग 15 प्रतिशत हैं, जहां सर्वाधिक आबादी सुन्नी मुसलमानों की है।

एपी

नेत्रपाल दिलीप

दिलीप