8th Pay Commission: अब बदल जाएगी कर्मचारियों की किस्मत! सैलरी में 70% तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव, जानिए आपकी जेब में कितना ज्यादा आएगा पैसा?

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8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 70% से ज्यादा वेतन बढ़ोतरी का प्रस्ताव सामने आया है। यूनियनों ने DA, HRA और TA को जोड़कर नई सैलरी तय करने की मांग की है। इससे लेवल 1 कर्मचारियों का वेतन 37,080 से बढ़कर 63,500 रुपये हो सकता है। फिलहाल यह यूनियनों का प्रस्ताव है।

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  • Publish Date - July 8, 2026 / 02:16 PM IST,
    Updated On - July 8, 2026 / 02:20 PM IST

(8th Pay Commission/ Image Credit: AI-generated)

HIGHLIGHTS
  • 70% से अधिक वेतन बढ़ोतरी का प्रस्ताव चर्चा में।
  • लेवल-1 कर्मचारियों की सैलरी ₹63,500 तक पहुंचने का अनुमान।
  • DA, HRA और TA में बदलाव की मांग।

नई दिल्ली: 8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों में लगातार उत्सुकता बनी हुई है। आयोग विभिन्न कर्मचारी संगठनों और यूनियनों के साथ बैठकें कर उनके सुझाव ले रहा है। इसी बीच सैलरी बढ़ोतरी को लेकर कई तरह की चर्चाएं भी तेज हो गई है। कर्मचारियों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि नए वेतन आयोग के लागू होने पर उनकी सैलरी में आखिर कितनी बढ़ोतरी होगी। हालांकि अभी तक आयोग ने किसी भी नई वेतन संरचना का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है।

सिर्फ फिटमेंट फैक्टर नहीं, इन भत्तों से भी बढ़ सकती है सैलरी

वेतन बढ़ोतरी केवल फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) पर निर्भर नहीं करेगी। कर्मचारियों की कुल सैलरी में महंगाई भत्ता (DA), हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) की भी अहम भूमिका रहती है। कर्मचारी संगठनों का मानना है कि यदि इन सभी भत्तों में प्रस्तावित बदलाव लागू होते हैं तो कुल वेतन में 70 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। यही वजह है कि कर्मचारी इन प्रस्तावों पर विशेष नजर बनाए हुए हैं।

लेवल-1 कर्मचारियों की सैलरी कितनी बढ़ सकती है?

ऑल इंडिया नेशनल पब्लिक सेक्टर एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) समेत कई कर्मचारी यूनियनों ने सरकार के सामने वेतन बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव के अनुसार एक्स-कैटेगरी में आने वाले लेवल-1 कर्मचारियों की मौजूदा कुल सैलरी करीब 37,080 रुपये से बढ़कर लगभग 63,500 रुपये तक पहुंच सकती है। यह करीब 71 प्रतिशत की संभावित बढ़ोतरी मानी जा रही है। हालांकि यह केवल कर्मचारी संगठनों का सुझाव है। अंतिम वेतन कितना होगा, इसका फैसला 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की सिफारिशों और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा।

आयोग के सामने रखी गईं प्रमुख मांगें

यूनियनों ने आयोग के सामने कई अहम मांगें रखी हैं। सबसे पहली मांग यह है कि नया वेतनमान लागू करने से पहले महंगाई भत्ते (DA) को बेसिक पे में शामिल किया जाए। इसके अलावा बढ़ती महंगाई को देखते हुए ट्रांसपोर्ट अलाउंस बढ़ाने की भी मांग की गई है। वहीं हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में भी संशोधन का प्रस्ताव दिया गया है। मौजूदा 30%, 20% और 10% की दरों को बढ़ाकर क्रमशः 36%, 24% और 12% करने की मांग की गई है। ताकि अलग-अलग शहरों में रहने की लागत के अनुसार कर्मचारियों को बेहतर राहत मिल सके।

लगातार हो रही हैं बैठकें, अंतिम फैसला अभी बाकी

8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) विभिन्न राज्यों में कर्मचारी संगठनों से बातचीत कर सुझाव जुटा रहा है। हाल ही में 6 और 7 जुलाई को भुवनेश्वर में बैठकें आयोजित की गईं। इसके बाद 9 और 10 जुलाई को कोलकाता में अगले दौर की बैठकें प्रस्तावित हैं। इससे पहले आयोग दिल्ली और लखनऊ में भी कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से चर्चा कर चुका है। फिलहाल सभी सुझावों पर विचार किया जा रहा है और अंतिम सिफारिशें तैयार होने के बाद ही केंद्र सरकार वेतन और भत्तों में बदलाव को लेकर अंतिम निर्णय लेगी।

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क्या 8वें वेतन आयोग ने 70% वेतन बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है?

नहीं। 70% से अधिक बढ़ोतरी का आंकड़ा कर्मचारी यूनियनों के प्रस्ताव पर आधारित है। आयोग ने अभी कोई अंतिम घोषणा नहीं की है।

लेवल-1 कर्मचारियों की सैलरी कितनी हो सकती है?

प्रस्ताव के अनुसार लेवल-1 कर्मचारियों की कुल सैलरी ₹37,080 से बढ़कर करीब ₹63,500 तक पहुंच सकती है।

सैलरी बढ़ने में किन भत्तों की भूमिका होगी?

बेसिक पे के अलावा महंगाई भत्ता (DA), हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) भी बढ़ोतरी में अहम भूमिका निभाएंगे।

कर्मचारी यूनियनों की प्रमुख मांगें क्या हैं?

यूनियनों ने DA को बेसिक पे में मर्ज करने, TA बढ़ाने और HRA की दरों में संशोधन करने की मांग की है।